Bihar cabinet expansion: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से सीएम पद से इस्तीफा दिया था. तभी से यह सवाल उठ रहा था कि आखिर निशांत कुमार का राजनीतिक फैसला क्या होगा? पहले कयास लगाए गए कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. लेकिन ऐसा माना गया कि निशांत राजनीति दूर ही रहना चाहते हैं. लेकिन पिता के कहने पर पार्टी ज्वाइन कर ली और पिता के ही समझाने पर राजनीतिक भविष्य का भी फैसला कर लिया है.
बिहार के मंत्रिमंडल विस्तार की खबर जैसे ही सामने आई. वैसे ही 5 मई की शाम को ललन सिंह और नीतीश कुमार की बैठक हुई. इसमें जेडीयू के कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे. इसी बैठक में निशांत को मंत्री पद की शपथ के लिए मनाया गया. काफी समझाने के बाद आखिरकार निशांत भी पिता की बात नहीं टाल पाए और शपथ के लिए राजी हो गए.
इस बीच 7 मई को होने वाली उनकी सद्भावना यात्रा भी कैंसिल हो गई है. वे कल शपथ समारोह में होंगे, इसलिए उनकी यात्रा कैंसिल की गई है. ऐसा बताया गया कि 9 मई से दोबारा उनकी यात्रा शुरू होगी.
सरकार में शामिल होने से हमेशा किया इनकार
निशांत कुमार हमेशा से ही राजनीति से दूर नजर आए हैं. पिता के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी. हालांकि इसके बाद भी वे सरकार का हिस्सा बनने से साफ इनकार करते आए हैं. सम्राट चौधरी ने भी CM बनने के बाद कहा था- निशांत कैबिनेट में साथ आएं तो मुझे खुशी होगी. निशांत ने ही में बिहार यात्रा की शुरुआत की थी. इसका मकसद बिहार में पार्टी को मजबूत करना था.
निशांत के मंत्रिमंडल में शामिल होने से यह भी तय हो गया है कि उन्हें कोई बड़ा मंत्रालय दिया जा सकता है. कहा यह भी जा रहा है कि जेडीयू की राजनीति अब निशांत ही आगे बढ़ाएंगे. यही वजह है कि उन्हें मंत्री बनाया जा रहा है.
किन लोगों को मिल सकता है मौका
बीजेपी अपने कोटे से बड़े नेताओं को शामिल कर रही है, वहीं जेडीयू भी अपने भरोसेमंद नेताओं पर दांव लगा रही है. चर्चा है कि बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल और डॉ. प्रमोद कुमार जैसे नेताओं को जगह मिल सकती है. सबको इंतजार है कि विजय सिन्हा को कौन सा पद दिया जाता है.
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