Mrityunjay Tiwari Joins BJP: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा झटका लगा है. सालों तक लालू और तेजस्वी के सबसे करीबी रहे मृत्युंजय तिवारी ने आखिरकार बीजेपी के दामन थाम लिया है. कुछ दिन पहले ही मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी से इस्तीफा दे दिया था. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि उनका अपमान किया गया. इस वजह से यह फैसला लिया है.बीजेपी में शामिल होने के बाद तिवारी ने कहा कि मेरे खून का एक-एक कतरा भाजपा के लिए है.
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद पूर्व राजद नेता मृत्युंजय तिवारी कि हमारे जैसे लोगों के लिए जो सुचिता की राजनीति करता हो, जो ईमानदारी की राजनीति करता हो. जिसका राजनीतिक जीवन सामाजिक जीवन खुली किताब हो. वैसे लोगों के लिए देश में 2 रास्ते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि एक विनाश की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा था और दूसरा विकास की ओर, आज भाजपा विकास के रास्ते पर हर वर्ग के लोगों के लिए योजना बना रही है. हम समृद्ध बिहार के साथ जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि वह बीजेपी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और पार्टी ने उन्हें जो सम्मान दिया है, उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे.
#WATCH दिल्ली: भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "हमारे जैसे लोगों के लिए जो सुचिता की राजनीति करता हो, जो ईमानदारी की राजनीति करता हो। जिसका राजनीतिक जीवन सामाजिक जीवन खुली किताब हो। वैसे लोगों के लिए देश में 2 रास्ते हैं एक विनाश की ओर ले जाने… https://t.co/pwxXxImvAG pic.twitter.com/1JwNuaHDjn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 24, 2026
क्यों छोड़ दी तिवारी ने लालू की पार्टी
मृत्युंजय तिवारी ने पहले भी आरजेडी छोड़ने के पीछे की वजह खुद का अपमान बताया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला है. जिसके वह हकदार थे. कई बार पार्टी के बड़े नेताओं के सामने बात रखने के बाद भी कुछ नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया. उन्होंने कहा, “मेरे जैसे कार्यकर्ता का राजद में सम्मान नहीं था, इसलिए मैंने पार्टी छोड़ दी.
मृत्युंजय तिवारी साल 2014 से ही लालू यादव की पार्टी में प्रवक्ता पद पर काम कर रहे थे. उन्हें लालू और तेजस्वी यादव का बेहद खास माना जाता रहा है.हालांकि कुछ समय से नोंकझोंक खबरें सामने आ रही थीं.
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