BJP Wins Shimla Zila Parishad: हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया है. शिमला जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया है. भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर बाजी मार ली है. भाजपा को यह सफलता 26 सालों बाद मिली है. इसलिए इसे कांग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि शिमला जिले की कुल 8 विधानसभा सीटों में 7 कांग्रेस के विधायक हैं और हिमाचल सरकार में 3 मंत्री भी हैं.
शिमला को कांग्रेस पार्टी का गढ़ माना जाता है, लेकिन जिस प्रकार से भाजपा ने सेंध मारी है. उससे कांग्रेस पार्टी के अंदर चिंता पैदा हो गई है. हालांकि, कांग्रेस पार्टी भी मंथन करना शुरू कर दी है, कि आखिर कहां चूक हो गई. बता दें, शिमला जिला परिषद में एकतरफा कांग्रेस का काफी समय से वर्चस्व रहा है. लेकिन भाजपा ने बाजी मारकर सबको हैरान कर दिया.
क्या रहा रिजल्ट?
शिमला जिला परिषद में 25 सदस्य हैं. जिसमें कांग्रेस के 10 और भाजपा के 11 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की. लेकिन बहुमत के लिए 13 सदस्य चाहिए. जो किसी के पास नहीं था. ऐसे में निर्दलियों ने गेम को ही पलट दिया और भाजपा को समर्थन देकर जीत तय कर दी. शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र सिसोदिया और उपाध्यक्ष भरत सिंह कलांटा बने हैं.
देशभर में कांग्रेस की हार की चर्चा
शिमला जिला परिषद की चर्चा अब सिर्फ प्रदेश में नहीं, बल्कि देशभर में हो रही है. वहीं भाजपा भी इस जीत को लेकर खुशी मना रही है. पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जय राम ठाकुर ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास करने वालों के लिए जनता से करारा जवाब मिला है.
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भले ही भाजपा की जीत बहुत कम अंतरों से रही हो, लेकिन भाजपा, कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने में जरूर कामयाब हो गई. जो कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है.
