FIR Withdrawn Against Minor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपशब्द बोलने वाली युवती के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला ने केस वापस ले लिया है. शिकायतकर्ता स्मृति सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से बच्चों को माफ किए जाने और नाबालिग की सार्वजनिक माफी के बाद उन्होंने FIR वापस लेने का फैसला किया है.
शिकायतकर्ता ने कहा कि पहली बात तो पीएम मोदी ने खुद ही नाबालिग को माफ कर दिया है. वहीं दूसरी वजह ये है कि लड़की ने भी अपनी गलती मान ली है. उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी. इसलिए FIR वापस लेने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. जांच के बाद केस को दिल्ली पुलिस के पास भेज दिया गया था. शिकायतकर्ता ने आगे कहा कि बच्चे गलती कर सकते हैं. लेकिन अगर वे अपनी गलती मान लें तो उन्हें सुधार का मौका जरूर देना चाहिए.
आयोजकों की भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की
शिकायतकर्ता ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अगर किसी से गलती होती है, तो उसे सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए. आयोजकों को भी ऐसे बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. अगर समय रहते इन बच्चों को समझाया जाता, तो शायद यह विवाद खड़ा ही नहीं होता. बच्चों को भी किसी के बहकावे में आने से बचना चाहिए. राजनीति के चक्कर में अपना भविष्य बर्बाद करने से बचें.
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों ने NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान देशभर के छात्रों ने आंदोलन में भाग लिया. इसी दौरान एक 15 साल की नाबालिग लड़की भी अपने दोस्तों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुई और पीएम मोदी के बारे में काफी भला-बुरा कहा. जिसके बाद विवाद बढ़ गया. हालांकि, बाद में लड़की ने खुद माफी मांगते हुए कहा कि यह उसकी पहली और आखिरी गलती थी. विवाद के बाद उसके ऊपर एफआईआर दर्ज हो गई थी, जो अब शिकायतकर्ता ने वापस ले लिया है.
