Police Action Recording Device: दिल्ली हो रहे लगातार प्रदर्शन के बीच पुलिस की वर्दी में लगी एक डिवाइस की खूब चर्चा हो रही है. दिखने में तो ये वायरलैस जैसा है, लेकिन है नहीं. यह मामला कोर्ट भी पहुंच गया है. क्योंकि हाल ही में एक जनहित याचिका पुलिस और आरएएफ के उन जवानों, जिनकी ड्यूटी भीड़ हटाने की कार्रवाई या प्रदर्शन में लगी होती है. ऐसे कर्मचारियों पर बॉडी कैमरा लगाया जाए. हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर सरकार पर फैसला छोड़ दिया है.
दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की बात कही थी. जिसके बाद दिल्ली पुलिस पूरी तैयारी के साथ एक्टिव हो गई. इसी बीच दिल्ली पुलिस के जवानों की तस्वीर वायरल होने लगी, जिसमें उनकी वर्दी पर एक डिवाइस लगी नजर आ रही है. वर्दी पर लगी इस डिवाइस को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
क्या है बॉडी में लगी डिवाइस?
पुलिस की वर्दी में जो डिवाइस लगी है. वह एक प्रकार का कैमरा है, जो भीड़-भाड़ इलाके या प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों को हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इस कैमरे को बॉडी वॉर्न कैमरा कहा जाता है, जो साइज में काफी छोटा, पोर्टेबल वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस होता है.
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पुलिस को बचने के लिए मिलेगा सबूत
इस डिवाइस को पुलिस की वर्दी में आमतौर पर छाती, कंधे या कॉलर पर लगा सकते हैं. इसमें हाई-रेजोल्यूशन वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होती है. जिसे आसानी से मैन्युअली चालू और बंद कर सकते हैं. पुलिस इसका इस्तेमाल सबूत जुटाने के लिए कर सकती है. इससे सबसे ज्यादा फायदा पुलिस को ही होगा क्योंकि अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों में विवाद की स्थिति में पुलिस पर ही आरोप लगाए जाते हैं. ऐसी स्थिति में रिकॉर्डिंग रहेगी तो पुलिस आसानी से सबूत पेश कर सकेगी.
