Amit Shah Infiltrators Statement: देश में लंबे समय से घुसपैठियों को लेकर सरकारों का सख्त रुख रहा है. खासतौर पर पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा काफी तूल पकड़ा था. पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद दावा किया गया कि बड़ी संख्या में घुसपैठियों को बांग्लादेश भेजा गया है. इस मामले पर खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी सख्त नजर आ रहे हैं. उन्होंने अपने ताजा बयान में साफ कर दिया कि भारत धर्मशाला नहीं है, यहां सिर्फ नागरिकों को ही रहने की इजाजत है. जो भी बाहर के लोग हैं. उनको हर हाल में जाना होगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी प्रवास को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में शाह ने साफ कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अवैध तरीके से देश में प्रवेश करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया.
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि भारत कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां कोई भी व्यक्ति बिना कानूनी प्रक्रिया के आकर बस जाए. देश में रहने का अधिकार केवल भारत के नागरिकों को है. घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से सीमाओं पर निगरानी मजबूत करने और घुसपैठ रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने को कहा है.
उन्होंने आतंकवाद, कट्टरपंथ, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. शाह ने एजेंसियों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बेहतर इस्तेमाल करने की सलाह दी, ताकि खुफिया सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित खतरों की पहले ही पहचान की जा सके.
सुरक्षा एजेंसियों को शाह का सीधा संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्यों की एजेंसियों को साझा रणनीति के साथ काम करना होगा. सम्मेलन में अवैध प्रवासियों की पहचान और उनके निर्वासन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया.
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