India-New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज मंगलवार से मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) लागू हो गया है. जिसके बाद से न्यूजीलैंड में भारत के बने सामान पहले के मुकाबले सस्ते हो जाएंगे. क्योंकि समझौते के तहत न्यूजीलैंड कई भारतीय सामान पर आयात शुल्क खत्म करेगा. इससे दोनों देशों के बीच कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
दोनों देशों के बीच हुए व्यापार समझौते से सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है. यह समझौता केवल कंपनियों और व्यापारियों तक ही सीमित नहीं है. बल्कि इससे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए न्यूजीलैंड में काम करने के अवसर समेत कई सहयोगी प्रावधान हैं. जो भारतीयों के लिए अच्छी खबर है.
कई सामानों पर बिना शुल्क के मिलेगी एंट्री
भारत-न्यूजीलैंड के बीच समझौते से पहले न्यूजीलैंड में भारतीय सामान बेचने पर 10 प्रतिशत इम्पोर्ट ड्यूटी देनी पड़ती थी. लेकिन अब न्यूजीलैंड में मेड इन इंडिया प्रोडक्ट पर ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस मिलेगा. यानी भारत में बनने वाले ज्यादातर सामानों को न्यूजीलैंड में बिना शुल्क चुकाए ही एंट्री मिल जाएगी.
इन उत्पादों में नहीं लगेगी इम्पोर्ट ड्यूटी
भारत में बने जिन उत्पादों पर न्यूजीलैंड ने शुल्क फ्री रखने की बात कही है. उसमें कपड़े, जूते, चमड़े से बने प्रोडक्ट्स, दवाइयां और इंजीनियरिंग से जुड़े सामान शामिल हैं. जबकि डेयरी, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस व्यापार समझौते से बाहर रखा गया है.
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न्यूजीलैंड को क्या फायदा होगा?
इस डील के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि दोनों देशों के बीच 2030 तक व्यापार 35,000 करोड़ रुपए तक पहुंचे. इसके साथ ही न्यूजीलैंड ने अगर भारतीय सामानों पर आयात शुल्क हटाई है, तो उम्मीद है कि भारतीय सरकार भी न्यूजीलैंड के प्रोडक्ट्स में रियायत देगी. इस समझौते के नहीं होने की वजह से भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार करीब 11 प्रतिशत घटकर 1.15 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है.
