Jaish-e-Mohammed Bahawalpur: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने किस तरह से पाकिस्तान की कमर तोड़ी थी. यह हर कोई जानता है. बहावलपुर में स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को एयरफोर्स ने तबाह कर दिया था. उस समय इस ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा था. अब इसको लेकर बड़ा दावा किया गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि तबाह हुए परिसर की मरम्मत कर दोबारा तैयार कर दिया गया है. क्षतिग्रस्त गुंबदों को फिर से बनाया गया है, जबकि इमारत में नया संगमरमर, प्लास्टर और पेंट भी किया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे परिसर के क्षतिग्रस्त हिस्सों को एक साथ तैयारी नहीं किया गया है. बल्कि अलग-अलग चरणों में तैयार किया गया है. मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम लंबे समय तक चला. करीब 15 महीने बाद इमारत को फिर से तैयार किए जाने का दावा किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए थे ठिकाने
भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला पाकिस्तान से लिया था. इसके बाद भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की थी. 6 और 7 मई 2025 की रात भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इसमें बड़ी संख्या में आतंकी और उनके ठिकाने तबाह हुए थे.
25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए खर्च होने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने इस परिसर की मरम्मत के लिए जैश-ए-मोहम्मद को करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए दिए हैं. परिसर में मदरसा अल-सबीर और जैश के कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले हिस्सों का भी पुनर्निर्माण किया जा रहा है.बाहरी हिस्से को नया स्वरूप देने के लिए संगमरमर, प्लास्टर और पेंट का इस्तेमाल किया गया.
बहावलपुर का यह कैंप लंबे समय से भारत के खिलाफ जैश की गतिविधियों से जुड़ा रहा है. मदरसा अल-सबीर और जैश कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले एरिया का भी दोबारा निर्माण भी किया जा रहा है. कुल मिलाकर पाकिस्तान अब भी आतंक को पनाह देने से बाज नहीं आ रहा है.
ये भी पढ़ें: ‘लेडी सिंघम’ नेहा पच्चीसिया पर SIT का शिकंजा! क्या है वो मामला जिसके कारण जा सकती वर्दी?
