‘लेडी सिंघम’ नेहा पच्चीसिया पर SIT का शिकंजा! क्‍या है वो मामला जिसके कारण जा सकती वर्दी?

CSP Neha Pachisia Katni Case: CSP नेहा पचीसिया इस समय फरार चल रही हैं. एक समय उनकी पहचान लेडी स‍िंघम के तौर पर होती थी. लेकिन, सीएम मोहन के आदेश के बाद केस दर्ज कर लिया गया है.
CSP नेहा पचीसिया

CSP नेहा पचीसिया

CSP Neha Pachisia Katni Case: सरकारी नौकरी और खास तौर पर ऐसी नौकरी जो आपको समाज में अलग पहचान दिलाए. उसको भला कौन नहीं करना चाहता है? आज के समय में हजारों लोग एक सरकारी नौकरी के लिए दिन -रात मेहनत करते हैं. इसके बाद भी उनको मनचाही नौकरी नहीं मिल पा रही है. दूसरी तरफ वो हैं जिन्हें नौकरी तो मिल गई. लेकिन कभी ईमानदारी की कसम खाने वाले अधिकारी अब बिना कसम खाए ही भ्रष्‍टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. इसी तरह के एक मामले में मध्य प्रदेश में सीएसी नेहा पच्‍चीस‍िया के खि‍लाफ केस दर्ज किया गया है. कभी अपराधियों को पकड़ने वाली पच्‍चीस‍िया आज खुद फरार चल रही हैं . 

मध्‍य प्रदेश के कटनी में पदस्‍थ रहीं नेहा पच्‍चीस‍ियां की लोगों पहचान लेडी सिंघम के तौर पर होती थी. लेकिन, उस समय तक लोग उनके कारनामों को नहीं जानते थे. अब जब लोगों को उनके केस के बारे में पता चला तो कई और लोगों ने हिम्मत करते हुए अपने साथ हुई आपबीती भी बताई है.

नेहा पर जमीन के व‍िवाद‍ित सौदे का आरोप है. जिसमें कहा गया कि उन्‍होंने अपनी वर्दी का इस्तेमाल किया. यही वजह है कि उन पर पुलिसिया दबाव बनाने, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने नेहा पच्चीसिया के खिलाफ FIR दर्ज कर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT का गठन कर दिया है.

क्‍या है पूरा मामला और कहां से हुई शुरुआत?

नेहा मध्य प्रदेश के कटनी की ‘सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस’ यानी CSP के पद पर थीं. हालांकि इस समय सीएम मोहन यादव के आदेश के वह सस्‍पेंड के साथ-साथ फरार भी चल रही हैं. पूरा व‍िवाद दो हेक्‍टेयर जमीन से जुड़ा हुआ है. जमीन माल‍िक का नाम रमेश लोधी है. रमेश के बेटे पर एक आद‍िवासी युवक की हत्‍या का आरोप लगा. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज द‍िया गया.

रमेश ने आरोप लगाया है कि नेहा ने केस में राहत दिलवाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये मांगे थे. इसमें उनके साथ कटनी के ही कुठला थाने के प्रभारी राजेंद्र मिश्रा भी शामिल हैं. जब पर‍िवार ने इतनी बड़ी रकम न होने का हवाला दिया तो नेहा ने परिवार को पैसे इंतेजाम करने का रास्‍ता भी बता द‍िया.

नेहा ने रमेश पर दवाब बनाया कि जो उनके पास दो हेक्‍टेयर जमीन है. उसका एक टुकड़ा बेंच दो. इससे पैसों का इंतजाम आसानी से हो जाएगा. इसी के बाद पूरा खेल हुआ.

रमेश के साथ डील में ही कर द‍िया खेल

सरकारी रिकॉर्ड के अनुशार रमेश की जमीन की कीमत 82 लाख के आसपास है. जबकि पर‍िवार ने बताया कि जमीन की डील 1 करोड़ 7 लाख में हुई थी. लेक‍िन रमेश ने बताया कि करोड़ की जमीन के बदले उसे सिर्फ 18 लाख ही मिले. 15 लाख चेक से और 3 लाख के आसपास नगद दिया गया. मतलब यह कि जमीन को ओने-पौने दाम में रमेश से खरीद लिया. क्‍योंकि उसको अपने बेटे को बचाना था.

कटनी SP विश्वकर्मा ने कहा ने भी बताया कि असल मायने में शक यहीं से शुरू हुआ. क्‍योंकि कोई व्यक्ति इतनी कम कीमत पर जमीन क्यों बेचेगा? इसका मतलब है कि वह दबाव में था. और दबाव यह था कि उसे जेल नहीं भेजा जाएगा. मामले ने तूल पकड़ा और मध्‍य प्रदेश भर में इस मामले की चर्चा शुरू हो गई.

सीएम ने मामले में तुरंत लिया एक्‍शन

जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा तो खुद सीएम मोहन यादव ने सोशल मीड‍िया पर नेहा को सस्‍पेंड किए जाने की जानकारी दी. इसके साथ ही यह भी बताया कि उन पर मामला दर्ज किया जा रह रहा है. सीएम के आदेश के बाद CSP नेहा पच्चिसिया और 2 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और पद के दुरूपयोग जैसी धाराएं लगाई गई हैं.

इस मामले में राजनाथ नगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अरुण पाल सिंह, सब-इंस्पेक्टर सौरभ सोनी, CSP के रीडर नरेंद्र पांडे, गनमैन मटू और ड्राइवर केशव को भी सस्पेंड कर दिया गया. नेहा पच्चीसिया के खिलाफ एक अलग विभागीय जांच भी चल रही है.

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