Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया. इस रिकॉर्डिंग में दावा किया गया है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए. आरोप है कि यह रकम मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने या रोकने के लिए दी गई थी. हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है. विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं.
फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी, ताकि ऑडियो की सच्चाई सामने आ सके. उनके मुताबिक, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और BJP दोनों ने जांच की मांग की है. खुद जरांगे ने भी रिकॉर्डिंग की जांच कराने की बात कही है.
जरांगे ने गुरुवार को जारी की थी क्लिप
मनोज जरांगे ने गुरुवार को जालना में यह ऑडियो जारी किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई. यह कदम उस समय उठाया गया, जब एकनाथ शिंदे ने उनसे अपने आरोपों के सबूत मांगे थे. रिकॉर्डिंग में कुछ लोग 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव पर चर्चा कर रहे हैं.
रामदास कदम ने BJP के नेताओं पर साधा निशाना
शिवसेना नेता रामदास कदम ने इस विवाद में BJP के कुछ नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जरांगे के साथ मिलकर एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.कदम ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की विस्तृत जांच की मांग की है.
गौरतलब है कि मनोज जरांगे मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं. वह अब तक 11 बार भूख हड़ताल कर चुके हैं. ऐसे में इस ऑडियो विवाद ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है. कुल मिलाकर इस ऑडियो के बाद शिवसेना शिंदे गुट और बीजेपी गुट के बीच भी खींचतान देखने को मिल रही है.
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