President ADC Early Retirement: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC रहे मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है. ऋभष के इस्तीफे को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे थे, लेकिन उन्होंने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है, जो उनको लेकर सोशल मीडिया पर चल रहीं थीं. ऋषभ ने एक पॉडकॉस्ट के दौरान खुद ही अपने रिटायरमेंट को लेकर खुलकर बात ही है. जानें उन्होंने क्या कहा?
ऋषभ सिंह ने पॉडकास्ट के दौरान बताया, ‘मेरी अभी शादी नहीं हुई है. राष्ट्रपति के ADC के लिए नियम है कि वह शादी नहीं कर सकते हैं. उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है. ADC के लिए मैंने अपनी बाहरी जिंदगी को खोया है. जब मैं राष्ट्रपति के साथ काम रहा हूं तो मैं सामान्य व्यक्ति की तरह बाहर नहीं जा सकता और इंजॉय नहीं कर सकता. कभी-कभी मैं अकेला महसूस करता था लेकिन फिर मैं अपना अकेलापन इंजॉय करने लगा.’
रिटायरमेंट क्यों लिया, खुद बताया
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अपने परिवार का इकलौता बेटा हूं. मेरी कुछ जिम्मेदारियां हैं. मैं हमेशा से वर्दी पहनना चाहता था. मैं चाहता था कि मैं एक ऐसा शख्स बनूं, जिससे लोग प्रभावित हों. तो फिर अब मैंने रिटायरमेंट क्यों लिया? मैंने ये काम उन लोगों के लिए छोड़ा है जिनकी वजह से मैं यहां तक पहुंचा था. मेरी एक बेटे के तौर पर जिम्मेदारी है. मेरी कुछ प्रतिबद्धताएं हैं, मुझे उन्हें पूरा करना है. इसीलिए मुझे ये फैसला और ये त्याग करना पड़ा और अपने माता-पिता के लिए किए गए त्याग से बढ़कर मेरे लिए क्या होगा?’
मैं स्वार्थी नहीं बन सकता थाः मेजर ऋषभ सिंह
ऋषभ ने कहा, ‘मैं ऐसी जगह पर था जहां या तो मैं खुद के लिए फैसला लेता या फिर अपने माता पिता के लिए. मैं स्वार्थी नहीं बन सकता था, और पूरी जिंदगी यह नहीं सोच सकता था कि मैंने ये क्यों नहीं किया. मैं आज यहां उन्हीं की वजह से हूं. मैंने 30 साल की उम्र तक देश की सेवा की है. लेकिन अब जब मेरे परिवार को मेरी जरूरत है तो मैं भाग नहीं सकता. मेरे लिए यह कठिन फैसला था लेकिन मुझे ये लेना पड़ा.’
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उन्होंने कहा, ‘मुझे कभी पता था कि ADC जैसा कोई पद होता है. मैं किसी और देश की सेना के साथ अभ्यास कर रहा था. उसी दौरान मेरे कमांडिंग ऑफिसर ने मुझसे कहा कि तुम्हें प्रेसिडेंट के ADC के लिए शॉर्ट लिस्ट किया गया है. मैंने सीधे मना नहीं किया लेकिन मैंने कहा कि मैं यहां नहीं जाना चाहता. लेकिन फिर मैंने लोगों से बात, उनकी राय जानी. सभी ने कहा कि ये अच्छा अनुभव होगा, तुम्हें ट्राई चाहिए. मैंने कमांडिंग ऑफिसर से कहा कि मैं ट्राई करना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि या तो तुम जाओगे या नहीं, ट्राई करने जैसा इसमें कुछ नहीं है. अगर तुम फेल हुए तो ये तुम्हारे लिए कठिन होगा. फिर मैंने कहा कि ठीक है मैं जाऊंगा.’
