Monsoon session 2026: संसद का मानसून सत्र आज यानी कि 20 जुलाई सोमवार से शुरू हो गया है. सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, इससे देश का कल्याण होता है.
दूसरी तरफ विपक्ष ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह सोनम वांगचुक के अनशन, NEET-UG पेपर लीक, बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), बढ़ती महंगाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. ऐसे में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान जोरदार हंगामे की संभावना बनी हुई है.
संसद के मानसून सत्र से जुड़े हर बड़े अपडेट, सदन की कार्यवाही की पल-पल की जानकारी के लिए इस लाइव ब्लॉग के साथ बने रहें.
लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित
दोपहर 3 बजे लोकसभा का कार्यवाही फिर से शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया. सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. कुल मिलाकर आज लोकसभा 6 बार स्थगित की गई.
एक दिन में पांचवी बार कार्यवाही स्थगित
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे फिर शुरू हुई. हालांकि विपक्ष पेपर लीक मामले को लेकर हंगामा कर रहा है. विपक्षी सांसदों के पोस्टर बैनर लहराने पर स्पीकर ने आपत्ति जताई. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने आधे घंटे के लिए कार्रवाई स्थगित कर दी. अब तक कुल मिलाकर 5 बार संसद की कार्यवाही को स्थगित किया गया है.
सरकार लोगों के मुद्दों को लेकर संवेदनशील-वेणुगोपाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह सरकार लोगों के मुद्दों को लेकर बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं है. आप देश में NEET और CBSE परीक्षा लीक से परिवारों का दर्द देख सकते हैं. माता-पिता छात्रों, अपने बेटे-बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. हमारी कम से कम यह मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और NEET, CBSE परीक्षाओं पर चर्चा हो – कि इस परीक्षा प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए,
उन्होंने कहा कि इस लीक को कैसे रोका जाए, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता कैसे बनाए रखी जाए. इस पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं और सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील है. सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है. स्पीकर हमें इस मुद्दे पर बोलने नहीं दे रहे हैं.
प्रदर्शन को देखते हुए बढ़ाई गई संसद की सुरक्षा
CJP का विरोध मार्च जैसे-जैसे बढ़ रहा है, हज़ारों प्रदर्शनकारियों को उस इलाके में घुसने से रोकने के लिए कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था और लॉकडाउन लागू किया गया है.
सुरक्षाकर्मियों ने संसद परिसर के विशाल लोहे के गेट को मज़बूती से बंद कर दिया है. लाल रंग की दमकल गाड़ियां और आपातकालीन स्थिति में पानी की ज़रूरत पड़ने पर काम आने वाले वाहन गेट के ठीक अंदर खास जगहों पर तैनात किए गए हैं.
लाठीचार्ज की क्या वजह है?- थरूर
CJP के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हो रहा हो, तो लाठीचार्ज की क्या वजह है? लाठीचार्ज अहिंसा का काम नहीं है. यह हिंसा का काम है. मुझे इसके पीछे का तर्क समझ नहीं आता. इसी तरह संसद में भी, सभी जानते हैं कि ये पूरे देश में अहम मुद्दे हैं. इन पर चर्चा करना सही होगा.
उन्हांने कहा कि संसद वह जगह होनी चाहिए जहां हम लोगों की आवाज़ और उनकी चिंताएं रख सकें. एक बार जब हम ऐसा कर लेते हैं, तो हम सभी जानते हैं कि सरकार के पास बहुमत है. जैसा कि पुरानी कहावत है, विपक्ष को अपनी बात कहनी चाहिए क्योंकि सरकार अपनी मर्ज़ी चलाएगी. उनके पास बहुमत है. लेकिन, कम से कम संसद को एक ऐसा मंच बनने दें जहां इन चिंताओं को सुना जा सके, उन पर खुलकर बात हो सके और अलग-अलग लोग अपने क्षेत्र के लोगों की राय रख सके. फिर सरकार असहमत हो सकती है. लेकिन अभी, चर्चा से इनकार करने की वजह से ही आज कामकाज में रुकावट आई है क्योंकि विपक्ष इन मुद्दों को उठाना चाहता था.
#watch | Delhi | On CJP protest, Congress MP Shashi Tharoor says, “When a non-violent protest is taking place, what is the reason for a lathi-charge? Lathi charge is not an act of non-violence. It is an act of violence. I don’t understand the logic of this. Similarly here in… pic.twitter.com/bgr9ZtkTZF
— ANI (@ANI) July 20, 2026
थरूर ने आगे कहा कि सदन में इन पर बात करने का मौका चाहता था. अगर संसद इन मुद्दों को उठाने के लिए नहीं है, तो सच कहूं तो, यह किसलिए है? मेरा मतलब है, यह सिर्फ़ सरकार के लिए अपने बिलों की घोषणा करने और उन्हें रबर स्टैम्प की तरह पास करवाने का नोटिस बोर्ड नहीं हो सकता है. संसद का मकसद यह नहीं है. यह एक ऐसा मंच होना चाहिए जहां इन सभी विचारों को सुना जा सके, उन पर चर्चा और बहस हो सके और फिर उन्हें पास किया जा सके. प्रधानमंत्री ने विपक्ष से सहयोग मांगा है. अगर वे सहयोग करेंगे तो हम भी करेंगे.
'जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ- खड़गे
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि नीट के कारण लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं, हजारों छात्र जंतर-मंतर पर हैं, लाठीचार्ज हुआ है.
उन्होंने कहा कि मैं लाखों बच्चों के भविष्य के बारे में बात कर रहा हूं. पेपर लीक मुद्दे को लेकर हजारों छात्र जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं. वहां लाठीचार्ज हुआ है. सरकार ताकत का इस्तेमाल करके आवाज़ दबाने और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश कर रही है.
बागी सांसद रचना बनर्जी ने क्या कहा?
संसद के मॉनसून सत्र में टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने कहा कि हम इस पूरी चीज़ को लेकर बहुत पॉज़िटिव हैं. मैं 20 सांसदों की अपनी पूरी टीम को शुभकामनाएं देती हूं. हमें लगता है कि यह सत्र हमारे लिए बहुत यादगार रहेगा.मैं उनके (ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC) बारे में बात नहीं करना चाहती, वे अब हमारे लिए कोई मायने नहीं रखते.हमें NDA सरकार के साथ-साथ PM मोदी, HM अमित शाह और CM सुवेंदु अधिकारी का पूरा समर्थन प्राप्त है.
अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल
लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पेश किया.
विपक्ष सरकार पर दबाव नहीं डाल सकते- कंगना
विपक्ष की तरफ से उठाए जा रहे मुद्दों पर BJP सांसद कंगना रनौत ने कहा कि संसद सत्र इसलिए बुलाए जाते हैं ताकि हम सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर सकें. सरकार हर चीज़ के लिए जवाबदेह है और इसीलिए सत्र आयोजित किया जाता है. हम चाहते हैं कि संसद चले और वे वहां अपने मुद्दे उठाएं. लेकिन, अगर वे बाधा डालते हैं, तो यह सही नहीं है. सरकार का यह अधिकार है कि वह तय करे कि उसे कैसे काम करना है. आप सरकार पर दबाव नहीं डाल सकते.
DMK पर वह कहती हैं, “धीरे-धीरे, वे सभी BJP और सनातन संस्कृति की ओर आ जाएंगे क्योंकि यह हमारी अपनी संस्कृति है. बाकी सब तो दुनिया से लिया गया है.
अखिलेश यादव बोले- सरकार नहीं अहंकार है
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “यह सरकार नहीं अहंकार है. जब करोड़ों लोग इस आंदोलन से जुड़े हों, जिन बच्चों की जान गई, उनके लिए एक शब्द नहीं बोले. सरकार का इससे बड़ा अहंकार क्या हो सकता है. छात्र चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुने लेकिन सरकार उन्हें नहीं सुनना चाहती है.”
सदन की कार्यवाही 12:30 बजे तक के लिए स्थगित
सदन में विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष दूसरी बातर सदन को स्थगित कर दिया. पहले दिन अब तक केवल 12 मिनट ही सदन की कार्यवाही चल सकी है.
उत्पाद मचाना ठीक नहींः सांसद कंगना रनौत
मंंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, “संसद का सत्र इसलिए होता है ताकि हम हर मुद्दे पर बात कर सकें. हम चाहते हैं कि सत्र चले और ये लोग अपने प्रश्न हमारे सामने रखें लेकिन अगर लोग उत्पाद मचाएंगे तो वह ठीक नहीं है. जनता ने जिस सरकार को चुना है तो सरकार कैसे चलेगी ये उन्हीं का अधिकार है.”
राज्यसभा की कार्यवाही भी 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
सत्र शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा
मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
सत्र से पहले INDIA गठबंधन की बैठक
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ऑफिस में INDIA गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई.
कांग्रेस सांसद ने बताया किन मुद्दों पर रहेगा फोकस
कांग्रेस सांसद मल्लू ने कहा कि आज सबसे अहम मुद्दों में से एक पेपर लीक का मामला है, जिस पर सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। संसद में भी यही एजेंडा है. अगला मुद्दा राम मंदिर का है. लेकिन, राम मंदिर की सुरक्षा करने वाले लोग ही राम मंदिर के चढ़ावे को लूट रहे हैं. ये लोग RSS और VHP से जुड़े हैं, जिनका BJP से सीधा संबंध है. इसलिए, हम चाहते हैं कि संसद में इन मुद्दों पर चर्चा हो.
NEET मामले को लेकर सरकार संवेदनशील- कमलजीत सहरावत
बीजेपी सांसद कमलजीत सहरावत ने सत्र से पहले कहा कि सरकार NEET के मुद्दे को लेकर बहुत संवेदनशील है. सरकार ने NEET परीक्षा को लेकर सही कदम उठाए हैं. कुछ बिचौलियों की वजह से ऐसी समस्याएं पैदा होती हैं जिनका सामना छात्रों और सरकार दोनों को करना पड़ता है. लेकिन, भारत सरकार के लिए देश के छात्र बहुत महत्वपूर्ण हैं. जहां तक CJP की बात है, तो कुछ मौकापरस्त लोग हमेशा हालात का फायदा उठाने के लिए तैयार रहते हैं. सरकार देश की समस्याओं को समझने और उन पर काम करने का अपना काम कर रही है.
CJP के विरोध मार्च पर वह कहती हैं कि अपनी बात रखने के लिए हमेशा एक सही मंच होता है, लेकिन मुझे लगता है कि अराजकता फैलाना सही नहीं हैं.
देश में ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ (सुधार की राह) पर आगे बढ़ने का ही नतीजा है कि भारत के युवा इतना साहस दिखा पा रहे हैं और सफलता हासिल कर रहे हैं. हाल ही में, राजस्थान में देश को एक बड़ी तेल रिफाइनरी समर्पित की गई. कुछ हफ़्ते पहले ही, देश को तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट समर्पित किया गया. कुछ समय पहले ही, नागरिकों को ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन समर्पित की गई.
#watch | Delhi: On the Monsoon session of Parliament, PM Narendra Modi says, “We are well aware, and the entire world is concerned about the persistent threat of war in various regions. The conflict in West Asia posed a major crisis for countries like India that rely on others… pic.twitter.com/MqaOnTy7v4
— ANI (@ANI) July 20, 2026
उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत कम देशों के पास यह सुविधा है. फिर भी, भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की है, उसमें सबसे शक्तिशाली इंजन है और यह अपनी तरह की सबसे लंबी ट्रेन है. यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, इनोवेटर्स, उद्यमियों और कामगारों के समर्पण का सबूत है, जो सभी देश के लिए एक साझा लक्ष्य के साथ जी रहे हैं और काम कर रहे हैं.
सत्र से पहले पीएम मोदी ने क्या कहा?
संसद के मॉनसून सत्र पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं. पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी, खाद और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए.
उन्होंने आगे कहाकि इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है. यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयों को छूना चाहता है. इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है. देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ़्तार में नई ऊर्जा भरती है.
