Governor appointment delay: भारत में राज्यपाल किसी राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है? उनका कार्यकाल कितने साल का होता है और हर महीने उन्हें कितनी सैलरी मिलती है? अगर नहीं तो हम आपको आज इन सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं. देश के कई राज्यों में राज्यपालों का कार्यकाल पूरा हो चुका है. मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश में जल्द ही नए राज्यपालों की नियुक्ति हो सकती है.
मध्य प्रदेश में राज्यपाल मंगू भाई पटेल का पांच साल का कार्यकाल जुलाई 2026 में पूरा हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश में आनंदीबेन पटेल का पांच साल का कार्यकाल जुलाई 2024 में पूरा हो गया था. इसके बावजूद दोनों अपने उत्तराधिकारियों के पदभार संभालने तक पद पर बने रह सकते हैं.
कौन करता है राज्यपाल की नियुक्ति?
संविधान के अनुच्छेद 155 के मुताबिक, किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति करते हैं. राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले वारंट के जरिए राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं. राज्यपाल बनने वाले व्यक्ति की उम्र 35 साल से ज्यादा होना जरूरी है. राज्यपाल का कार्यकाल 5 सालों का होता है.
राज्यपाल को कितनी सैलरी मिलती है?
राज्यपाल को वर्तमान में हर महीने 3.50 लाख रुपये का वेतन मिलता है. यह राशि 2018 के वित्त कानून के जरिए बढ़ाई गई थी. 1 जनवरी 2016 से प्रभावी की गई थी. सिर्फ वेतन ही नहीं, राज्यपाल को सरकारी आवास भी बिना किराए के मिलता है. इसके अलावा उन्हें नियमों के मुताबिक भत्ते और अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं. संविधान के अनुच्छेद 158 में राज्यपाल के वेतन, भत्तों और सुविधाओं का प्रावधान है.
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बदले जाएंगे राज्यपाल?
मध्य प्रदेश के राज्यपाल पर पर इस समय मंगुभाई पटेल हैं. उन्होंने 8 जुलाई 2021 को राज्यपाल का पद संभाला था. उनका पांच साल का कार्यकाल 8 जुलाई 2026 को पूरा हो गया. नए राज्यपाल की नियुक्ति में देरी को लेकर सितंबर 2026 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका भी पहुंची है. हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि मध्य प्रदेश को जल्द ही नया राज्यपाल मिल सकता है.
उत्तर प्रदेश में आनंदीबेन पटेल राज्यपाल के पद पर हैं. उन्होंने 29 जुलाई 2019 को यूपी के राज्यपाल का पद संभाला था. उनका पांच साल का कार्यकाल जुलाई 2024 में पूरा हो चुका है, लेकिन उत्तराधिकारी के पद संभालने तक उनके पद पर बने रहने की संवैधानिक व्यवस्था लागू होती है. अगले साल यहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे माना जा रहा है कि यूपी में भी जल्द ही नया राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है.
ये भी पढ़ें:PM मोदी से मिले बचपन के दोस्त, तब सुलझा मामला! बीजेपी विधायक हुए जमीन पर कब्जा छोड़ने तैयार
