Ujjain: उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई से जुड़े वीडियोज आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसी बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा गया कि मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर भी मंदिर के पास पहुंच गए.
MP News: ग्राम उकायला के सरपंच प्रतिनिधि छोटेराजा गुर्जर, ग्राम उड़वाया के सरपंच कमल सिंह गुर्जर, ग्राम पाराग के सरपंच दीवान सिंह बघेल और ग्राम अमोलपठा के जनपद सदस्य दुष्यंत परमार ग्रामीणों के साथ शराब बिक्री के विरोध में ज्ञापन देने अमोलपठा चौकी पहुंचे थे. चौकी पर आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे. ज्ञापन देने के बाद आबकारी टीम शराब दुकान पर पहुंची, जिसके कुछ देर बाद बड़ी संख्या में महिला-पुरुष लाठी-डंडे लेकर दुकान पर पहुंच गए.
Ladli Behna 40th Installment Date: मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के खाते में 39वीं किस्त आने के बाद से ही अब सभी लाभार्थी महिलाओं को 40वीं किस्त का इंतजार है
CG News: फैक्ट्री के अंदर अंशु बंसल नामक व्यक्ति सांवलिया सेठ मिल्क एंड प्रोडक्ट के नाम पर बड़ी मात्रा में पनीर तैयार किया जा रहा था.
Who is Pratima Devi: प्रतिमा देवी की ओर से ग्वालियर कोर्ट में उनके दामाद प्रतीक कार्की पेश हुए. उन्होंने पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी मां पद्माराजे सिंधिया इस राजपरिवार की बेटी थीं. इसे आधार बनाकर संपत्ति पर दावा किया है.
Bhopal News: Bhopal News: भोपाल के चार इमली में स्थित अक्षय अस्पताल पर बड़ा एक्शन लिया गया है. आयुष्मान योजना की भुगतान राशि को रोका गया है. आयुष्मान भारत की टीम ने हॉस्पिटल की निरीक्षण किया, जिसमें जांच दल को कई खामियां मिली थीं.
Mauganj Crime News: मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल और एसडीओपी सचि पाठक ने परिजनों से बातचीत की. काफी समझाइश के बाद पोस्टमार्टम को लेकर सहमति बनी और शव को मर्चुरी भेजा गया.
MP News: बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि आज दिग्विजय सिंह का सनातन प्रेम महज एक राजनीतिक प्रपंच और प्रोपेगेंडा है. सनातन धर्मावलंबी दिग्विजय सिंह की राजनीति और उनके पुराने बयानों को भूले नहीं हैं.
IPS Irshad Wali: इरशाद वली 2004 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. वे मूलत: बिहार के रहने वाले हैं. शुरुआत में वली को नागालैंड कैडर मिला था. उनकी पत्नी सूफिया फारुखी की तैनाती मध्य प्रदेश में है.
Pandhurna Gotmar Fair: महाराष्ट्र के बॉर्डर पर स्थित पांढुर्णा जिला अपने एक खास त्योहार के लिए जाना जाता है, जिसे गोटमार मेला कहा जाता है. लोगों का मानना है कि इस परंपरा की शुरुआत 17वीं शताब्दी में हुई थी, यानी गोटमार को 300 साल से भी ज्यादा हो चुके हैं.