तेल की किल्लत! बिहार की राजधानी में फिक्स हुई कार और बाइक में तेल की लिमिट, लग रहीं लंबी-लंबी लाइनें
पेट्रोल पंप पर लगी लंबी-लंबी लाइनें
दुनियाभर में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल कीमतें आसमान छू रही हैं. कई देशों में इसकी किल्लत भी देखने को मिल रही है. भारत के कई राज्यों में भी अब इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. बिहार की राजधानी पटना में भी तेल की किल्लत देखने को मिल रही है.
शहर के कई पेट्रोल पंपों ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर अस्थायी सीमा तय कर दी है, जिससे वाहन चालकों को तय मात्रा से ज्यादा तेल नहीं मिल पा रहा है. यही वजह है कि कई लोग परेशान नजर आ रहे हैं. हालांकि अधिकारियों और पेट्रोल पंप मालिकों की माने तो यह तरीका जमाखोरी रोकने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है.
कई पेट्रोल पर लिमिट तय
राजधानी पटना के कई पेट्रोल पंपों पर दोपहिया वाहनों को करीब 200 से 300 रुपये तक का पेट्रोल ही दिया जा रहा है. वहीं कार और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए भी 1000 से 1500 रुपये तक की सीमा तय की गई है. पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई प्रभावित होने और अचानक बढ़ी मांग के कारण यह कदम उठाया गया है.
पटना के दानापुर, बेली रोड और गोला रोड जैसे इलाकों में कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं हैं. कुछ पंपों पर तो हालात ऐसे रहे कि स्टॉक खत्म होने के बाद नई सप्लाई आने तक लोगों को इंतजार करना पड़ा है.
पंप संचालकों का क्या है कहना?
पंप संचालकों का कहना है कि अगर लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने लगेंगे तो बाकी ग्राहकों के लिए समस्या बढ़ सकती है. इसी वजह से सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सप्लाई पहुंच सके.
पूरी किल्लत को लेकर सरकार का क्या मानना?
हालांकि अभी सरकार की ओर से देशभर में किसी आधिकारिक फ्यूल राशनिंग की घोषणा नहीं की गई है. एक्सपर्ट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव के चलते कई जगह एहतियात के तौर पर ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं.
इस बीच प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जरूरत के मुताबिक ही पेट्रोल-डीजल खरीदें, ताकि अनावश्यक संकट की स्थिति पैदा न हो.
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