तेल संकट को लेकर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की चेतावनी, अब बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

Petrol Diesel Price Hike:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सोने की खरीद और विदेश यात्रा से बचने की अपील की थी. अब आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चेतावनी दी है. उन्‍होंने कहा कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो महंगाई बढ़ सकती है.
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा

Petrol Diesel Price Hike: अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर असर देखने को मिल रहा है. कई देशों में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं तो कई देशों में किल्लत देखने को मिल रही है. अब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. इन सब के बीच आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं.

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. पश्चिम एशिया से आने वाले तेल पर भारत काफी हद तक निर्भर है. ऐसे में वहां युद्ध या तनाव बढ़ने पर सप्लाई प्रभावित होती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा हो जाता है.  

RBI गवर्नर ने कहा कि अभी तक सरकार और तेल कंपनियां बढ़ी हुई लागत का काफी बोझ खुद उठा रही हैं. ताकि आम लोगों पर सीधा असर न पड़े. लेकिन, अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहे, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखना मुश्किल हो जाएगा.

तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान

रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों को पिछले कुछ हफ्तों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है. क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बावजूद घरेलू कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया. इससे कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है.    

आम लोगों का बिगड़ेगा बजट

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता महंगाई को लेकर है. अगर पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं, तो ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा. इसका असर खाने-पीने की चीजों, सब्जियों, दूध, ऑनलाइन डिलीवरी, बस-ट्रेन किराए और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है. यानी ईंधन महंगा होने से आम आदमी का मासिक बजट बिगड़ सकता है.

RBI ने यह भी कहा है कि फिलहाल केंद्रीय बैंक हालात पर नजर बनाए हुए है. अगर महंगाई लगातार बढ़ती है और स्थिति गंभीर होती है, तो RBI आर्थिक कदम उठा सकता है.

क्‍या कहते हैं एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का संकट जल्दी खत्म हो जाता है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे आती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन युद्ध लंबा चला तो सरकार के सामने कीमतें बढ़ाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचेंगे. 

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