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‘मेरी मां ने लंबी जिंदगी जी, लेकिन मुझे अब भी उनकी याद…’, दिवंगत मां को याद कर भावुक हुए पीएम मोदी

PM Modi

पीएम मोदी

Narendra Modi Remembers Mother Heeraben: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन किया. इस दौरान पीएम मोदी अपनी मां को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मेरी मां ने लंबी जिंदगी जी, लेकिन मुझे अब भी उनकी याद आती है. मैं खुशकिस्मत रहा कि मेरी मां सौ साल से ज्यादा समय तक जीवित रहीं और मुझे आशीर्वाद देती रहीं. पढ़ें पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने दिल्ली में आज पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक, माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आज हमें रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन का अवसर मिला है. मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है. कोविंद जी से मेरा बहुत लंबा परिचय रहा है उन्हें करीब से जाने का भी अवसर मिला है और राष्ट्रपति के रूप में उनका मार्गदर्शन और इन सबके साथ-साथ उनका मेरी प्रति विशेष स्नेह, उनकी आत्मीयता ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी रही है. मैंने उनके जीवन को जितना समझा है मैं पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि रामनाथ कोविंद की आत्मकथा अपने आप में भारतीय लोकतंत्र और भारतीय समाज के लिए एक धरोहर बनेगी.”

राष्ट्रपति की किताब पढ़ने की अपील की

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “आप सब किताब का पूरा लाभ पढ़कर ही लें तो ही ज्यादा अच्छा है. कोविंद जी की जीवनयात्रा को आप उनके शब्दों में जाने और उनके अनुभवों को देश की नई पीढ़ी पढ़े इससे हर किसी को काफी कुछ सीखने को मिलेगा. मैं रामनाथ कोविंद जी को इस आत्मकथा के लिए बहुत बधाई देता हूं. उनकी किताब का मुख्य संदेश यह है कि भले ही उनका जीवन और उसमें आए संघर्ष व्यक्तिगत थे, लेकिन उन संघर्षों के परिणामस्वरूप मिली जीत भारतीय गणतंत्र की है, भारत के लोकतंत्र की है.”

राष्ट्रपति ने कभी विनम्रता नहीं छोड़ी

उन्होंने आगे कहा, ” मुझे याद है कि प्रधानमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मैं उनसे राष्ट्रपति भवन में मिलने जाता था. प्रोटोकॉल के बावजूद, वे अक्सर आम औपचारिकताओं से हटकर बातचीत करते थे. वे प्रधानमंत्री को विदा करने के लिए कार के दरवाजे तक आते थे. शुरू में मैंने उनसे ऐसा न करने का आग्रह किया था. फिर भी, उन्होंने कभी भी उस विनम्रता को नहीं छोड़ा.”

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मां को याद कर भावुक हुए पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, “आप रामनाथ कोविंद जी का जीवन देखिए, वो एक सामान्य परिवार से आते हैं. कोविंद जी ने अपनी किताब में लिखा है कि कैसे गर्मी के मौसम में एक दिन उनके घर में आग लग गई, उनकी मां अपनी चिंता छोड़कर घर की चीजों को बचा रही थीं. एक सामान्य परिवार में मां के लिए एक-एक चीज बच्चों के पालन-पोषण का जरिया होती है. उसी कोशिश में आग में फंसकर उनकी माता जी की मृत्यु हो गई. आप कल्पना कर सकते हैं, छोटी सी उम्र में इस तरह की घटना, मां को इस तरह खो देना, कितना दर्दनाक रहा होगा. मैं तो भाग्यशाली रहा हूं, मेरी मां 100 वर्ष से अधिक जीवित रहीं और मुझे आशीर्वाद देती रहीं, इसके बावजूद मैं मां की कमी महसूस करता हूं. उनके जीवन का ऐसा दर्दनाक घटनाक्रम था कि कोई भी इससे टूट सकता था, लेकिन कोविंद जी को उन मुश्किलों ने मजबूत किया.”

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