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‘लद्दाख हमारा, इनकार से सच्चाई नहीं बदलती…’, चीन के बयान पर भारत का दो टूक जवाब

randhir Jaiswal

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

India Rejects China Claim: चीन और भारत के रिश्ते जैसे ही थोड़े पटरी पर आते हैं. वैसे ही कोई न कोई बयान इन रिश्तों को फिर पटरी से उतारने का काम करता है. हालांकि हर बार अजीबोगरीब बयानबाजी चीन की तरफ से ही की जाती है. अब एक बार फ‍िर चीन ने लद्दाख के करीब 28 जगहों को अपना बताया, इसके साथ यह भी कहा कि इनका नाम बदलने का भारत को कोई अधिकार नहीं है. चीन के इस बयान के बाद अब भारत ने पलटवार करते हुए दो टूक जवाब दिया है.

चीन की तरफ से द‍िए गए बयान पर भारत ने आपत्ति दर्ज कराते हुए अपना जवाब द‍िया है.विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि लद्दाख भारत का हिस्सा है. चीन के इनकार करने से यह हकीकत नहीं बदलेगी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन जगहों के नाम सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में दर्ज किए गए हैं. यह काम लद्दाख प्रशासन और स्थानीय लोगों से सलाह लेकर किया गया है.  इन जगहों के नाम नक्शे में दर्ज करने का मकसद उनकी सही पहचान करना और लोगों को उनके बारे में जानकारी देना है.

चीन ने लद्दाख को लेकर क्‍या कहा था?

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को भारत के लद्दाख के इलाकों का नाम तय करने या बदलने का विरोध किया था. भारत की तरफ से 2 अक्टूबर को 28 जगहों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए गए थे. जिनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे इलाके भी शामिल हैं. इन्‍हीं जगहों पर साल 2020 में चीन और भारत के सैनिकों के बीच तनाव देखने को मिला था. इसके बाद से ही भारत और चीन के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं.  

चीन ने भारत के फैसले को बताया गैरकानूनी

भारत के नाम तय करने के फैसले को चीनी विदेश मंत्रालय ने एकतरफा और पूरी तरह से गैरकानूनी बताया है. यहां तक कहा कि भारत के इस फैसले को चीन नहीं मानता है.आगे कहा कि हम भारत के इस तरह के फैसले का विरोध करते हैं. माओ निंग ने कहा कि  ये इलाके उसके यानी कि चीन के हैं और भारत के नाम बदलने या रखने से जमीन पर मालिकाना हक नहीं बदल जाएगा.

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