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‘उनकी क्या गलती, जंतर-मंतर पर तिरंगा…’, सौरभ-आशुतोष को तिहाड़ जेल भेजने पर भड़के दिपके

Dipke Slams Delhi Police

सौरभ-आशुतोष को तिहाड़ जेल भेजने पर भड़के दिपके

Dipke Slams Delhi Police: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पार्टी के सौरभ दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने जंतर-मंतर से हिरासत में लेकर तिहाड़ जेल भेज दिया है. अभिजीत दिपके ने दोनों के तिहाड़ जेल भेजे जाने पर सवाल उठाए हैं. दिपके ने कहा कि क्या जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की कोशिश करना गुनाह था? दोनों की क्या गलती थी कि उन्हें जेल भेजा गया.

अभिजीत दिपके ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सौरव और आशु जानते थे कि उन्हें जेल भेजा जा सकता है, फिर भी वे जंतर-मंतर गए और गर्व के साथ तिरंगा फहराया. उन्होंने पूरे देश को दिखा दिया है कि मोदी जैसे दबंग के सामने खड़े होने का एकमात्र तरीका है कि कभी न झुकें, चाहे नतीजे कुछ भी हों.”

दिपके ने पूछा उनकी क्या गलती?

दिपके ने कहा कि उनकी क्या गलती है? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना. पीएम मोदी थोड़ी हिम्मत दिखाइए. अगर आप विरोध की आवाज को दबाने के लिए इतने ही पक्के इरादे वाले हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी घोषित करने की हिम्मत दिखाइए.

सीजेपी और INDIA ब्लॉक का एक ही मकसद

प्रदर्शन को लेकर दिपके ने कहा, “हम सबका मकसद एक ही है और हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ रहे हैं, जो चुनावों में धांधली कर रहे हैं और नरेंद्र मोदी को सत्ता में बने रहने में मदद कर रहे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप है और हमेशा रहेगी. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम INDIA ब्लॉक के खिलाफ हैं. हमारा और INDIA ब्लॉक का आंदोलन एक ही मकसद के लिए है.” इस दौरान दिपके ने जब उनसे पूछा गया कि क्या CJP एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर रजिस्टर हो रही है, तो उन्होंने कहा, “नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है।”

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बता दें, सौरभ और आशुतोष को दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के उल्लंघन के मामले में हिरासत में लिया है. दोनों के पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है.

CJP को राहुल गांधी का साथ

सौरभ दास और आशुतोष रांका को जेल भेजने पर राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है. इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरतापूर्ण काम है. छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन भले ही बैनर अलग-अलग हों, लेकिन मकसद एक ही है. सभी विरोध प्रदर्शन एक ही हैं. नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं. जंतर-मंतर भारत के लोगों का है. हम इसे वापस हासिल करेंगे.

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