Shehzad Poonawala: भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद से ही शहजाद पूनावाला लगातार चर्चा में बने हुए हैं. भले ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी हो लेकिन पार्टी और पीएम मोदी को लेकर वह अभी अभी बात रखते नजर आ रहे हैं. हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, भाजपा छोड़ने की वजह बात भी की है. इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती है. साथ ही साथ उन्होंने पीएम मोदी से तक इस्तीफे की मांग कर दी.
पूनावाला ने कहा कि BJP से अलग होने के बाद अब पार्टी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है. उन्होंने दावा किया कि अब न तो भाजपा उन्हें कोई पैसा दे रही है और न ही उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई का डर है. इसके बावजूद उन्होंने BJP को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि पार्टी में अभी भी जवाबदेही की भावना मौजूद है.
उन्होंने भाजपा के कामकाज का उदाहरण देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र किया. पूनावाला ने सवाल उठाया कि अगर किसी मुद्दे पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है. तो दूसरे राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से भी इसी तरह जवाबदेही क्यों नहीं मांगी गई. उन्होंने कर्नाटक समेत कुछ राज्यों के शिक्षा मंत्रियों का संदर्भ देते हुए अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी से क्यों मांगा पूनावाला ने इस्तीफा?
पॉडकास्ट के दौरान ही पूनावाला ने पीएम मोदी को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने पीएम मोदी को बुरा तानाशाह बताया और बातचीत के दौरान यह तक कह दिया कि प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. ये बात उन्होंने व्यंग्यात्मक तौर पर कही है. इससे पहले भी पूनावाला मोदी को लेकर ‘तानाशाह’ वाली टिप्पणी कर चुके हैं, लेकिन उस समय उन्होंने इसे विपक्ष के आरोपों पर कटाक्ष के तौर पर पेश किया था.
दिलचस्प बात यह है कि BJP से अलग होने के बाद भी पूनावाला कई मौकों पर पार्टी का बचाव करते दिखाई दिए हैं. उन्होंने हालिया बयानों में भाजपा को दूसरी पार्टियों की तुलना में बेहतर बताते हुए कहा कि पार्टी में कम से कम कुछ मामलों में जिम्मेदारी तय करने की परंपरा है.
पूनावाला ने जुलाई में छोड़ दी थी पार्टी
शहजाद पूनावाला ने जुलाई 2026 में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला सार्वजनिक किया था. उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे निजी और आर्थिक परिस्थितियों का भी हवाला दिया था.अब उनके ताजा बयान ने भाजपा छोड़ने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ा दी है.
