TMC Shock Before India Block Meeting: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी खींचतान और नेताओं की नाराजगी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. एक के बाद एक नेता टीएमसी का साथ छोड़ते जा रहे हैं. इन सब के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने TMC की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे को ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि रॉय लंबे समय से पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं.
सुखेंदु शेखर रॉय उन नेताओं में रहे हैं जिन्होंने TMC के शुरुआती दौर से पार्टी के साथ काम किया है. वे राज्यसभा में पार्टी की आवाज माने जाते थे और कई वर्षों तक सदन में TMC के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. उनका इस समय पार्टी छोड़ना न सिर्फ टीएमसी के लिए बड़ा झटका है बल्कि ममता के लिए भी नई चुनौती है.
कई बार जाहिर कर चुके थे नाराजगी
हाल के दिनों में रॉय लगातार पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे थे. उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कई बार संकेत दिए थे कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने नेतृत्व पर सवाल भी उठाए थे और संगठन में बड़े बदलाव की जरूरत बताई थी.
अटकलों का नया दौर शुरू
इस्तीफे के बाद बंगाल की राजनीति में अटकलों का दौर तेज हो गया है. चर्चा है कि TMC के कुछ अन्य नेता और सांसद भी पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हैं. ऐसे में रॉय का इस्तीफा सिर्फ एक नेता के जाने भर का मामला नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह मामला यहीं थमेगा या आने वाले दिनों में TMC को और राजनीतिक झटके झेलने पड़ सकते हैं. विपक्ष पहले ही इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल खड़े होने के तौर पर पेश कर रहा है, जबकि TMC नेतृत्व नुकसान को सीमित करने की कोशिश में जुटा है.
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