Supreme Court Dowry Death: देशभर से इस तरह के मामले सामने आ रहे है, जिन्होंने समाज में होने वाली शादियों पर सवाल या निशान खड़े कर दिए हैं. आए दिन इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं जिसमें दहेज के कारण महिलाओं की हत्या और आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है. ताजा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है. जो इस समय देशभर से चर्चा का विषय बना हुआ है.
इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या ने कई सवाल खड़े किए हैं. यही वजह है कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी इसपर चिंता जाहिर की है. इसके साथ ही कहा है कि जिनसे पैसे लेते हो, उनको ही भिखारी कहते हो. मतलब यह कि जो दहेज की मांग करते हैं वह भिखारी हैं, कोर्ट की इस टिप्पणी से साफ है वह भी इस तरह के मामलों पर सख्त है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई. अदालत ने कहा कि आखिर क्यों कुछ लोग शादी के बाद लड़की और उसके परिवार को अपमानित करना शुरू कर देते हैं. कोर्ट ने माना कि दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ सख्ती भी जरूरी है.
शादी कोई सौदेबाजी नहीं- कोर्ट
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि शादी कोई सौदेबाजी नहीं है और बहू को सम्मान देना हर परिवार की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने यह भी माना कि दहेज के मामलों में कई महिलाएं लगातार दबाव और अपमान का सामना करती हैं, जिससे उनकी जिंदगी प्रभावित होती है. अदालत की इस टिप्पणी को महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर बड़ा संदेश माना जा रहा है.
जस्टिस नागरत्ना ने लड़के वालों की मानसिकता पर चोट करते हुए टिप्पणी की कि आजकल शादी के बाद ससुराल में दुल्हन तथा उसके माता-पिता को पूरी तरह से निचोड़ लिया जाता है.
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