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सड़कों पर पशुओं से हादसों में मिले मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्‍य सरकारों को न‍िर्देश

supreme court on stray animals

सुप्रीम कोर्ट आवारा पशुओं को लेकर सख्‍त

Supreme Court On Stray Animals: देश में हर रोज हजारों लोग सड़क हादसे का शिकार होते हैं. इनमें से कई हादसे आवारा पशुओं के बीच सड़क में होने के कारण होते हैं. हादसे कई बार इतने भयानक होते हैं कि लोग अपनी जान भी गंवा देते हैं. अब इस तरह के हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जाहिर की है. यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को इस तरह के हादसों मुआवजे के भुगतान के लिए एक तंत्र विकसित करने का निर्देश भी दिया.

सुप्रीम कोर्ट में पूरे हादसे की सुनवाई जस्टिस संजय करोल और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने की. इस दौरान उन्‍होंने कई निर्देश जारी किए हैं. सुनवाई के बाद कहा कि सड़क पर मौजूद पशुओं के लिए उनके मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि पशु हर रोज दिन खत्म होने पर अपने रहने वाले या बताए गए आवास पर वापस लौट आएं.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ तौर पर कहा कि  सड़कों पर खुले घूम रहे गाय-बैल और अन्य पशु न सिर्फ लोगों की जिंदगी के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके खुद के लिए भी खतरा है. मतलब यह कि हादसों में इन पशुओं की जान भी जा सकती है, इसके अलावा इनके कारण कई और लोग भी हादसे का शिकार हो सकते हैं.

हर साल 1300 गंवा रहे अपनी जान

सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर संज्ञान इसलिए भी लिया है. क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले इन आवारा पशुओं की वजह से हर साल 1300 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर कहा कि इसका समाधान न‍िकालना जरूरी है.

किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी

दरअसल इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही है. वह मामला साल 2007 का था. उस समय विजय नाम के एक युवक की मौत सड़क पर टहलने के दौरान हो गई थी. विजय पर आवारा सांड ने हमला किया था. इसी मामले में हाईकोर्ट ने मुआवजा देने का आदेश दिया था. हालांकि बाद में इस फैसले को पलट दिया गया था. इसके बाद पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. 

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