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भवानीपुर रहेगा सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक ठिकाना, नंदीग्राम सीट खाली करने का किया CM ने ऐलान

Bangladesh Violence

मुख्‍यमंत्री सुवेंदु अध‍िकारी

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में 2 सीटों से चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्‍होंने दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज कर की थी. नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. इसको लेकर उन्‍होंने फैसला कर लिया है. सुवेंदु ने ऐलान किया कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखेंगे, जबकि नंदीग्राम सीट छोड़ देंगे.

विधानसभा परिसर में मीड‍िया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम से अब किसी अन्य नेता को उपचुनाव के जरिए विधायक चुना जाएगा.

हालांकि उन्होंने साफ किया कि सीट छोड़ने का मतलब यह नहीं होगा कि नंदीग्राम के लोगों से उनका रिश्ता कमजोर पड़ जाएगा. उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों तक वह वहां के लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहेंगे. चुनाव के दौरान किए गए सभी विकास कार्यों के वादों को पूरा करेंगे.

नंदीग्राम सीट छोड़ने पर क्या बोले सुवेंदु?

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम उनके राजनीतिक जीवन का अहम हिस्सा रहा है. वहां के लोगों ने हमेशा उन्हें समर्थन दिया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भले ही वह आधिकारिक तौर पर उस क्षेत्र के विधायक नहीं रहेंगे, लेकिन इलाके के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करते रहेंगे.

इस दौरान उन्होंने साल 2009 से 2016 के बीच की राजनीतिक स्थिति का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उस समय फिरोजा बीबी नंदीग्राम से विधायक थीं, जबकि वह खुद ममता बनर्जी की पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे. अधिकारी ने कहा कि उस दौर में भी उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनता की मदद के लिए पूरा सहयोग दिया था, भले ही वह खुद विधायक नहीं थे.

कैसा था नंदीग्राम का रिजल्ट

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर टीएमसी के पबित्र कर को हराया था. बीजेपी कैंडिडेट अधिकारी को इस सीट पर 127301 वोट मिले थे, जबकि टीएमसी कैंडिडेट पबित्र कर को 117636 वोट मिले थे. बंगाल की नंदीग्राम सीट ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन पिछला चुनाव हारने के बाद ममता ने इस सीट की ओर मुड़कर नहीं देखा. जबकि सुवेंदु इस सीट को अपना गढ़ मानते हैं.

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