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‘अगले 20 साल के एजेंडे पर काम करना है’, BRICS समिट में बोले पीएम मोदी- हम किसी के खिलाफ नहीं

PM Modi

BRICS में पीएम मोदी

BRICS 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स समिट 2026 की शुरुआत की है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को साथ लेकर चलने में यकीन रखते हैं. हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. अगले 20 साल के एजेंडे पर काम करना है. पढ़ें पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा, “ब्रिक्स को मजबूत करने के साथ-साथ हमें वैश्विक सुधार की दिशा भी तय करनी होगी. वैश्विक शासन का मौजूदा ढांचा एक पिरामिड जैसा है. सत्ता और फैसले लेने की शक्ति सबसे ऊपर केंद्रित है, जबकि निचले स्तरों पर वे देश हैं जो इन फैसलों से प्रभावित तो होते हैं, लेकिन उन्हें आकार देने में असमर्थ रहते हैं.”

समुद्री नाविकों को लेकर क्या कहा?

पीएम मोदी ने इस दौरान समुद्री नाविकों का मुद्दा उठाते हुए कहा, “समुद्री नाविक वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान देते हैं, फिर भी मुश्किल समय में उन्हें अक्सर जरूरी मदद नहीं मिल पाती. मेरा प्रस्ताव है कि हम ‘नाविकों के लिए आपातकालीन सहायता नेटवर्क’ बनाएं. इससे संबंधित देशों के समुद्री अधिकारियों और राजनयिक मिशनों के बीच संपर्क बनेगा, जिससे संकट के समय अलर्ट, चिकित्सा सहायता, परिवार को सूचना देने और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिलेगी.”

यूएन सुरक्षा को लेकर क्या बोले?

पीएम मोदी ने कहा, “प्रतिनिधित्व के बारे में, मैं यह कहना चाहूंगा कि UN सुरक्षा परिषद में सुधार को अब और टाला नहीं जा सकता. इस मामले पर बातचीत को एक निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट नतीजों से जोड़ा जाना चाहिए. इसी तरह, वित्तीय संस्थानों में वोटिंग पावर, लीडरशिप की भूमिकाएं और पॉलिसी की प्राथमिकताएं आज की आर्थिक हकीकत के अनुरूप होनी चाहिए. जो देश ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को आगे बढ़ाते हैं, उन्हें ग्लोबल इकोनॉमिक गवर्नेंस को आकार देने में भी उचित भूमिका निभानी चाहिए.”

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BRICS ने वैश्विक मंच पर बनाई अलग पहचान

पीएम मोदी बोले, ‘मेरा प्रस्ताव है कि हम वैश्विक शासन में सुधार के लिए मिलकर 10 प्रस्ताव तैयार करें, ताकि अगली समिट तक उन्हें BRICS सुधार रोडमैप का रूप दिया जा सके. भले ही BRICS की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इससे हमारे संस्थागत कामकाज की गति पर असर नहीं पड़ना चाहिए. आज ब्रिक्स भी परिपक्वता के दौर में पहुंच गया है. पिछले दो दशकों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है. अब समय आ गया है कि हम ब्रिक्स के भीतर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदलें. “

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