west bengal: पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले ही ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है. ऐसा कहा जा रहा है कि ममता के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है. इससे पहले नंदीग्राम सीट के उम्मीदवार ने भी अपना नाम सीएम सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद वापस ले लिया था.
रबीउल आलम चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे अब उपचुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने चुनाव न लड़ने का ऐलान ऐसे समय पर किया है. जब ममता के पास कोई मौका नहीं बचा है. क्योंकि आज (शनिवार को) उपचुनाव के लिए नॉमिनेशन वापस लेने का आखिरी दिन है. यही वजह है कि रबीउल का यह फैसला ममता के लिए 24 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है.
रबीउल आलम चौधरी ने क्यों नाम लिया वापस?
रबीउल आलम चौधरी ने कहा कि पार्टी का नया सिंबल है. वर्कर्स को फील्ड में नहीं उतारा जा रहा है. प्रशासन की तरफ से हम पर जबरदस्ती प्रेशर बनाया जा रहा है. प्रशासन ने अब तक हमारे कई लोगों को अरेस्ट कर लिया है. ऐसे माहौल में फिर चुनाव कैसे लड़ेंगे? इसलिए मैंने नाम वापस लेने का फैसला किया है. उन्होंने यह भी बताया कि मैंने यह फैसला लेने से पहले ममता बनर्जी से भी बात कर ली थी.
ममता की मुसीबतें कब होंगी कम?
पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. लेकिन, चुनाव से पहले ही ममता की अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी बिखरी हुई नजर आ रही है. क्योंकि पहले नंदीग्राम सीट पर उम्मीदवार पहले ही अपना नाम वापस ले चुका है. अब रेजीनगर सीट पर भी वही हालात हैं. कुल मिलाकर इस उपचुनाव में ममता की पार्टी के पास कोई भी उम्मीदवार नहीं बचा है.
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