West Bengal Bypoll: पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने ममता बनर्जी के साथ-साथ कई अन्य और लोगों को भी परेशान कर दिया है.यहां BJP ने मुस्लिम बहुल रेजीनगर सीट पर शानदार जीत दर्ज कर चौंका दिया. सबसे ज्यादा चर्चा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार की हो रही है. पार्टी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी को महज 3,847 वोट मिले. वहीं, कभी इस सीट पर मजबूत पकड़ रखने वाली क्षेत्रीय राजनीति को भी बड़ा झटका लगा है.
BJP के उम्मीदवार शंकरराव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद को 75 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया है. गुलाम नबी आजाद, AJUP के संस्थापक हुमायूं कबीर के बेटे हैं. हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया था.
चुनाव में BJP की जीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि रेजीनगर में मुस्लिम आबादी करीब 70 फीसदी है. यहां लंबे समय से अल्पसंख्यक मतदाताओं की भूमिका निर्णायक रही है.
ममता बनर्जी की पार्टी को बड़ा झटका
इस चुनाव में TMC की कमजोर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी 3,847 वोटों पर सिमट गए. वहीं, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए धड़े डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सफिउज्जमान शेख को सिर्फ 2,044 वोट मिले हैं. कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफ़ी भी मुकाबले में काफी पीछे रह गए.
आखिर क्यों कमजोर पड़ा TMC का जनाधार?
रेजीनगर में TMC की हार के पीछे कई राजनीतिक वजहें हो सकती हैं. पार्टी का विभाजन, स्थानीय संगठन में कमजोरी और विपक्षी दलों के बीच बिखराव ने मुकाबले को प्रभावित किया. इसके अलावा, हुमायूं कबीर की AJUP ने भी इस सीट पर अपनी मौजूदगी बनाए रखी, लेकिन वह BJP को रोकने में सफल नहीं रही.
पहले ममता बनर्जी की लोकप्रियता और पार्टी का मजबूत संगठन तृणमूल की सबसे बड़ी ताकत माने जाते थे. अब पार्टी के अलग-अलग धड़ों में बंटने से उस ताकत पर सवाल उठ रहे हैं.
नंदीग्राम में भाजपा की रिकॉर्ड जीत
नंदीग्राम सीट पर भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है. नंदीग्राम में पार्टी प्रत्याशी हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. वह सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं.
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