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लंबे समय तक टीवी देखने से बढ़ सकता है बीमारी का खतरा, जानिए इसके नुकसान

Binge watching effects

ज्यादा टीवी देखने से ये नुकसान होते हैं

Binge watching Effects: अक्सर लोग “बस एक आखिरी एपिसोड” कह कर टीवी देखना जारी रखते हैं और घंटों बिंज वॉचिंग में बिता देते हैं. पूरे दिन की थकान के बाद भी समय का पता नहीं चलता, जिससे नींद अधूरी रह जाती है. इसका सीधा असर अगले दिन की ऊर्जा पर पड़ता है और शरीर में भारीपन महसूस होता है. अगर यह सिलसिला रोज चले तो यह हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.

क्या टीवी देखने से तनाव बढ़ता है?

डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि लगातार नेगेटिव या हिंसक शो देखने से हमारा दिमाग हमेशा तनाव में रहता है. इससे शरीर में स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे सुकून की नींद नहीं आती. धीरे-धीरे इस आदत की वजह से स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है और मानसिक रूप से इंसान थका हुआ महसूस करने लगता है.

स्टडी में क्या सामने आया?

यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रोनिंगन की एक रिसर्च के अनुसार, टीवी देखने का समय घटाकर आप डिप्रेशन के खतरे को काफी कम कर सकते हैं. ‘यूरोपियन साइकाइट्री जर्नल’ में छपी इस स्टडी में 65 हजार लोगों पर 4 साल तक गौर किया गया. नतीजों में पाया गया कि रोजाना सिर्फ 1 घंटा कम टीवी देखने से डिप्रेशन का रिस्क 11% तक गिर जाता है, जबकि 2 घंटे की कटौती इस खतरे को 40% तक कम कर सकती है. इसका सबसे सकारात्मक असर 40 से 65 साल की उम्र के लोगों में देखा गया है.

क्या ज्यादा टीवी देखने से नींद पर प्रभाव पड़ता है?

टीवी और मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी हमारे दिमाग को भ्रमित कर देती है, जिससे उसे लगता है कि अभी दिन ही है. इस वजह से शरीर में ‘मेलाटोनिन’ नाम का हॉर्मोन कम बनता है, जो हमें सुलाने में मदद करता है. नतीजा यह होता है कि या तो नींद देर से आती है या आती ही नहीं, जिससे शरीर का नेचुरल स्लीप चक्र पूरी तरह बिगड़ जाता है.

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फिजिकल हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ता है?

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