Bird Flu Alert: बिहार के कई इलाकों से बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है. वहीं, छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का प्रकोप देखने को मिल रहा है. बिलासपुर में करीब 25 हजार मुर्गियों और चूजों को नष्ट किया जा चुका है. इसके अलावा महाराष्ट्र के नागपुर में कुछ मुर्गियों में H5N1 वायरस की पुष्टि होने के बाद एक किमी के दायरे को इंफेक्टेड जोन घोषित कर दिया गया है. ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये हैं कि ये संक्रमण इंसानों में भी फैल सकता है.
इंसानों में बर्ड फ्लू कैसे फैलता है?
बर्ड फ्लू, H5N1 वायरस से फैलता है. ये बीमारी मुख्य तौर पर पक्षियों में होती है. कुछ वजहों से ये आम लोगों में फैल सकती है.
- पक्षियों (मुर्गी, बत्तख, बटेर आदि) के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है.
- संक्रमित बर्ड की लार, बीट, पिंजरा और पानी के संपर्क में आने से भी बर्ड फ्लू फैलता है.
- अस्वच्छता (जैसे- पोल्ट्री फार्म में साफ-सफाई ना रखने) से भी संक्रमण फैलता है.
बर्ड फ्लू के क्या लक्षण हैं?
बर्ड फ्लू (H5N1) से संक्रमित होने के बाद व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण 2 से 8 दिनों में दिखाई देने लगते हैं.
- खांसी, गले में खराश, रनिंग नोज के साथ आंखों का लाल होना.
- तेज बुखार और थकान होना.
- मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में दिक्कत होना.
- जी मचलना, उल्टी और दस्त की शिकायत होना.
ये भी पढ़ें: थकान होने के बाद भी नहीं आ रही नींद? जानें क्या है वजह, इन आसान स्टेप्स से बदलें रूटीन
बर्ड फ्लू से कैसे बचाव करें?
- बर्ड फ्लू से बचाव का सबसे सही तरीका है संक्रमित एरिया से दूरी बनाए रखना.
- पक्षियों के सीधे संपर्क में ना आएं, इसके लिए प्रोटेक्टिव गियर इस्तेमाल करें.
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए.
- पक्षियों के पास अनावश्यक ना जाएं. मृत पक्षियों को बिल्कुल ना छुएं.
- संक्रमण या बर्ड फ्लू फैलने के दौरान पोल्ट्री प्रोडक्ट्स खाने से बचना चाहिए.
