DIY Eco-Friendly Rakhi: रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की परंपरा को इस बार पर्यावरण संरक्षण से जोड़ सकते हैं. बाजार में मिलने वाली प्लास्टिक और नायलॉन से बनी राखियों की जगह घर में मौजूद प्राकृतिक सामग्री से आसानी से पर्यावरण अनुकूल राखी तैयार की जा सकती है. यह न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है, बल्कि बच्चों और परिवार के लिए एक रोचक रचनात्मक गतिविधि भी बन सकती है.
राखी बनाने के लिए जरूरी 5 चीजें
- मौली या सूती धागा
राखी का आधार बनाने के लिए पूजा में इस्तेमाल होने वाली मौली या मोटे सूती धागे का उपयोग किया जा सकता है. कई धागों को गूंथकर मजबूत डोरी तैयार करें. - सब्जियों या फूलों के बीज
राखी के बीच में तुलसी, सूरजमुखी, टमाटर या गेंदे के बीज लगाए जा सकते हैं. रक्षाबंधन के बाद इस राखी को मिट्टी में बोकर पौधा उगाया जा सकता है. - रसोई के मसाले और अनाज
सजावट के लिए प्लास्टिक के मोतियों की जगह साबुत चावल, लौंग, इलायची, काली मिर्च और सरसों के दानों का इस्तेमाल करें. ये प्राकृतिक और आसानी से उपलब्ध सामग्री हैं. - कागज या गत्ता
राखी का बीच का आधार बनाने के लिए पुराने शादी के कार्ड, गत्ते या कागज का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे प्लास्टिक या फोम के आधार की जरूरत नहीं पड़ेगी. - हल्दी और कुमकुम
राखी को रंग देने के लिए कृत्रिम रंगों की जगह हल्दी और कुमकुम का इस्तेमाल करें. हल्दी से पीला और कुमकुम से लाल रंग तैयार किया जा सकत है.
ऐसे बनाएं इको-फ्रेंडली राखी
सबसे पहले गत्ते या पुराने कार्ड से छोटा गोल टुकड़ा काट लें. इस पर प्राकृतिक गोंद लगाकर हल्दी या कुमकुम से रंगे चावल और बीज चिपकाएं. किनारों को लौंग, इलायची या सरसों के दानों से सजाएं. सजावट सूखने के बाद इसे तैयार मौली या सूती धागे के बीच में अच्छी तरह चिपका दें या सिल दें. इस तरह घर पर आसानी से प्राकृतिक और रोपण योग्य राखी तैयार हो जाएगी.
