भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी हैं कई भव्य जैन मंदिर, एक UNESCO की लिस्ट में भी शामिल

Jain Temple in Pakistan: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में जैन दिगंबर मंदिर स्थित है. वर्तमान में इस मंदिर के परिसर में एक इस्लामिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है. साल 1992 में हुए दंगों के दौरान यह मंदिर पूरी तरह से नष्ट हो गया था.
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जैन मंदिर

Jain Temple in Pakistan: हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान महावीर की जयंती मनाई जाती है. इस साल महावीर जयंती आज यानी 31 मार्च को पूरे देश भर में बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है. भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर माने गए हैं. भारत समेत पूरी दुनिया भर में जैन धर्म का पालन करने वाले लोग हैं. वहीं पूरे विश्व में भगवान महावीर की मूर्तियां और मंदिर हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी कई जैन मंदिर हैं. इनमें से कुछ खंडहर हो गए हैं, तो कुछ जैन मंदिरों में आज भी जैन धर्म के लोग बड़े श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करते हैं.

जैन दिगंबर मंदिर

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में जैन दिगंबर मंदिर स्थित है. वर्तमान में इस मंदिर के परिसर में एक इस्लामिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है. साल 1992 में हुए दंगों के दौरान यह मंदिर पूरी तरह से नष्ट हो गया था. वर्ष 1992 में जब कट्टरपंथी बाबरी मस्जिद के विध्वंस और भारत में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा का विरोध कर रहे थे, तब पाकिस्तान के इस जैन मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था. तब से आज तक इस मंदिर का नवनिर्माण नहीं कराया गया और यह आज भी ज्यों का त्यों बना हुआ है.

नगर बाजार जैन मंदिर

पाकिस्तान के नगरपारकर कस्बे के मुख्य बाजार में एक जैन मंदिर स्थित है. यह मंदिर अपने शिखर और तोरण प्रवेश द्वार के साथ सुरक्षित है. इसका प्रवेश द्वार बहुत ही बड़ा है, जो आज भी पहले की तरह सुरक्षित है. बताया जाता है कि वर्ष 1947 में पाकिस्तान की स्वतंत्रता के बाद भी कुछ सालों तक यहां पूजा-अर्चना होती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से खंडहर में बदल गया है.

कर्रोनजर जैन मंदिर

कर्रोनजर जैन मंदिर पाकिस्तान का सबसे लोकप्रिय और जाना-माना मंदिर है. यह बहुत ही प्रसिद्ध जैन मंदिर है, जो वर्तमान में पाकिस्तान के कारूंझर पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है. यह मंदिर नगरपारकर मंदिरों के समूह के रूप में भी जाना जाता है.

भोडेसर जैन मंदिर पाकिस्तान

भोडेसर जैन मंदिर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नगरपारकर के पास स्थित है. इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है. हालांकि अब यह खंडहर हो चुका है. इनमें से सबसे पुराना मंदिर 9वीं सदी का बताया जाता है, जबकि दूसरे दो मंदिर 14वीं और 15वीं सदी के बताए जाते हैं.

वीरवाह जैन मंदिर

वीरवाह जैन मंदिर पाकिस्तान का एक प्रसिद्ध जैन मंदिर है. यह मंदिर बहुत ही खास है क्योंकि वीरवाह मंदिर जैन मंदिरों के अवशेषों का एक समूह है. यहां के एक मंदिर में 27 देवकुलिकाएं थीं, जो पवित्र गर्भगृह को घेरे हुए अलंकृत स्तंभों से सुसज्जित थीं. पाकिस्तान का यह जैन मंदिर आज भी बहुत प्रसिद्ध है.

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गौरी जैन मंदिर

गौरी जैन मंदिर का निर्माण साल 1375-76 के दौरान हुआ था, जिसके परिसर में 52 छोटे मंदिर भी बने हुए हैं. वीरवाह से करीब 24 मील दूर स्थित यह प्राचीन मंदिर जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है. अपनी ऐतिहासिक सुंदरता और महत्व के कारण साल 2016 में इसे यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर की संभावित सूची में भी जगह दी गई थी.

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