Kids Screen Time: आजकल बच्चों को खाना खिलाने के लिए मोबाइल या टैबलेट देना कई घरों में आम हो गया है. बच्चा खाना खाने में आनाकानी करता है तो माता-पिता उसे शांत कराने के लिए स्क्रीन दे देते हैं. इससे बच्चा खाना तो खा लेता है, लेकिन सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर के मुताबिक, लंबे समय तक बनी रहने वाली यह आदत बच्चों के खाने के तरीके और उनकी सेहत पर असर डाल सकती है.
रुजुता दिवेकर के अनुसार, खाने के समय मोबाइल देखने से बच्चे का ध्यान भोजन से हट जाता है. वह स्क्रीन में इतना व्यस्त हो जाता है कि उसे अपनी भूख और पेट भरने का सही अंदाजा नहीं हो पाता. ऐसे में बच्चा जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर सकता है और धीरे-धीरे उसकी खाने की आदत भी प्रभावित हो सकती है.
स्क्रीन देखते हुए खाना क्यों है नुकसानदायक
जब बच्चा मोबाइल या टैबलेट देखते हुए खाना खाता है, तो उसका ध्यान खाने के बजाय स्क्रीन पर रहता है. इस वजह से वह शरीर की ओर से मिलने वाले भूख और पेट भरने के संकेतों को ठीक से महसूस नहीं कर पाता. अगर यह आदत लगातार बनी रहे तो आगे चलकर ओवरईटिंग और अनियमित खान-पान जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
खाने के समय बच्चे को परिवार के साथ बैठाएं
बच्चे को अकेले मोबाइल देकर खाना खिलाने के बजाय परिवार के साथ बैठकर खाना खिलाने की कोशिश करें. इस दौरान उससे बातचीत करें और खाने को लेकर छोटी-छोटी बातें करें. इससे बच्चे का ध्यान मोबाइल से हटेगा.
बच्चे को खाने से जुड़े छोटे काम दें
बच्चे को खाने की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए उसकी उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे काम दिए जा सकते हैं. जैसे टेबल पर प्लेट रखना, चम्मच रखना या किसी सदस्य को रोटी देना. इससे बच्चे की रुचि खाने में बढ़ सकती है.
मोबाइल देने के बजाय बच्चे से बातचीत करें
अगर बच्चा खाना खाते समय परेशान या बेचैन हो रहा है तो उसे चुप कराने के लिए तुरंत मोबाइल न दें. इसके बजाय उससे बातचीत करें और खाने को लेकर सवाल पूछें. आप उससे खाने के रंग, स्वाद, आकार या पसंद के बारे में बात कर सकते हैं.
