MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां परिवार कल्याण नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था. इसमें एक दिन में 30 महिलाओं की नसबंदी होनी थी, लेकिन कोटा पूरा करने के लिए एक ही दिन में 180 महिलाओं का ऑपरेशन कर दिया. पीड़ितों ने बताया कि महज दो मिनट में ही एक महिला का ऑपरेशन किया है. वहीं मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनीता सिंगारे ने बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
सिर्फ 2 मिनट में एक व्यक्ति का ऑपरेशन
पूरा मामला धार जिले के बाग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है. यहां परिवार कल्याण नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था. जानकारी के मुताबिक लगभग 180 महिलाएं अपने बच्चों के साथ ऑपरेशन करवाने के लिए शिविर में पहुंची थीं. लेकिन नियम के मुताबिक 2 मिनट में एक नसबंदी के तहत 30 लोगों की ही नसबंदी होनी थी. जबकि शिविर में एक ही डॉक्टर मौजूद था. इस तरह एक ही दिन में 30 की जगह 180 महिलाओं का ऑपरेशन कर दिया गया.
नसबंदी के बाद खुले आसमान में लिटा दिया
शिविर में आए लोगों ने बताया कि यहां मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थीं. जिन महिलाओं की नसबंदी की गई थी, उन्हें ऑपरेशन के बाद खुले आसमान में ही लिटा दिया गया. गर्मी और दर्द के कारण महिलाएं तड़पती रहीं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली. यहां तक कि सही से पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं थी.
CMHO ने कही कार्रवाई की बात
वहीं इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनीता सिंगारे ने कार्रवाई की बात कही है. सिंगारे ने कहा कि तत्काल प्रभाव से बीएमओ को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है. जबकि मामले में नसबंदी शिविर प्रभारी समेत 4 लोगों को शो काज नोटिस जारी किया गया है.
ये भी पढे़ं: MP News: जंगल से जन-जन तक… एमपी में वन्य जीव पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, सर्पदंश रोकथाम और देसी डॉग स्क्वॉड होंगे तैनात
