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‘टाइगर स्टेट’ में 5 सालों में हुई 224 बाघों की मौत, HC ने केंद्र-राज्य को नोटिस जारी किया, एक्सपर्ट बोले- सिस्टम की लापरवाही

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टाइगर (सोर्स- सोशल मीडिया)

MP News: टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में वन्यजीव सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. मध्य प्रदेश में बाघों की लगातार मौत हो रही है, इसी वर्ष यानी साल 2026 में करीब 9 बाघों की मौत हो चुकी है. शहडोल जिले में खेतों में बिछाए गए करंट की चपेट में आकर दो बाघों की मौत हो गई.

मामले में 7 आरोपियों को पकड़ा गया

इस घटना के साथ ही प्रदेश में साल 2026 की यह बाघों की 9वीं मौत दर्ज की गई है. फिलहाल मामला शहडोल के जयसिंहनगर रेंज का है, जहां फसलों की सुरक्षा के नाम पर खेतों में अवैध रूप से करंट बिछाया गया था. इसी करंट की चपेट में आकर दो बाघों की मौके पर ही मौत हो गई.

घटना के बाद जब ग्रामीण शव ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे, तभी वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को पकड़ लिया, जिनमें दो किसान भी शामिल हैं. वन विभाग के मुताबिक 29 जनवरी की रात बाघों की मौत हुई थी। इसके बाद शवों को छिपाने की कोशिश की जा रही थी।

पिछले पांच सालों में कितने बाघों की मौत?

मध्य प्रदेश में पिछले 5 सालों में 224 बाघों की मौत हो चुकी है. वहीं साल 2025 में सबसे ज्यादा 56 बाघों की मौत हुई. साल 2026 में अब तक 9 बाघों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 7 मौतें अकेले जनवरी महीने में दर्ज हुई हैं.

साल दर साल बढ़ते आंकड़ें

साल मृत टाइगर की संख्या
202134
202243
202345
202446
202556

कोर्ट ने भी जताई चिंता

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब 20 जनवरी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बाघों की मौतों पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था. अब सवाल यह है कि टाइगर स्टेट में बाघों की सुरक्षा के दावे जमीनी हकीकत में कितने मजबूत हैं?

लापरवाही भी मौत की मुख्य वजह- PCCF

वही PCCF वी एन अम्बाड़े का कहना है कि कई बार टाइगर की मौतें करंट लगने से होती है. कई बार लापरवाही किसानों की और वन अधिकारियों और कर्मचारियों की होती है. मैंने अपनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी यह बात कही है कि सिर्फ वन में भ्रमण ना करें स्मार्ट काम करें. स्मार्ट पेट्रोलिंग करें हमने कई बार लापरवाही बरतने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है. उन्हें नोटिस भी जारी किए हैं.

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई वन अधिकारी या कर्मचारी हो या वन्य प्राणियों के मामले में लापरवाही बरतता है तो निश्चित तौर पर हम उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे. हम बाघों को या अन्य वन प्राणियों को यूं ही मरने करने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं.

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क्या कहते हैं वाइल्फ लाइफ एक्सपर्ट?

वही बाघों की मौतों पर वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट पर अजय दुबे का कहना है कि सिस्टम की लापरवाही की वजह से बाघों की मौत हो चुकी है . लगातार बाघों मरना बड़ी चिंता का विषय है . सरकार के पास अरबों रु का बजट है बावजूद इसके बाघों का संरक्षण नहीं कर पा रहे है.

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