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देवास में ’90 डिग्री’ के खतरनाक मोड़ पर दर्दनाक हादसा; गाड़ी पलटने से 3 मजदूरों की मौत, 2 की हालत गंभीर

After a horrific road accident in Dewas, the police took the injured to the hospital.

देवास में भीषण सड़क हादसे के बाद घायलों को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया.

Input- अमित शर्मा

MP News: मध्य प्रदेश के देवास में सोनकच्छ क्षेत्र में भीषण सड़क हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई. जबकि 2 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. बैराखेड़ी गांव के पास 90 डिग्री के खतरनाक ‘अंधे मोड़’ पर देर रात 12 बजे हादसा उस वक्त हुआ, जब प्याज से भरा हुआ तेज रफ्तार वाहन पलट गया. वहीं हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

प्याज की गाड़ियों के नीचे दब गए 5 मजदूर

पूरा मामला सोनकच्छ क्षेत्र के चौबारा-धीरा रोड पर स्थित बैराखेड़ी गांव का है. बताया जा रहा है कि बैराखेड़ी फाटे से आ रही से आयशर गाड़ी (क्रमांक MP 09 GG 3681) अनियंत्रित होकर ग्राम बैराखेड़ी के मोड पर पलट गई, जिससे उसमें सवार 5 मजदूर प्याज की भारी बोरियों के नीचे दब गए. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था. चौबारा-धीरा रोड पर बैराखेड़ी के पास बने 90 डिग्री के अंधे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे गाड़ी सड़क किनारे पलट गई. हादसे के तुरंत बाद चालक गाड़ी से कूदकर मौके से फरार हो गया, जबकि मजदूर बोरियों के नीचे दबे तड़पते रहे.

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 मौके पर पहुंची. इसके साथ ही ग्राम बैराखेड़ी के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना प्याज की भारी बोरियों को हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया. अंधेरी रात और भयावह मंजर के बीच ग्रामीण देर रात तक लगातार रेस्क्यू कार्य में जुटे रहे.

सूचना मिलने पर पीपलरावा थाना प्रभारी सुबोध गौतम एवं बालोन चौकी प्रभारी कपिल नरवरे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए पूरी टीम के साथ मोर्चा संभाला. पुलिस ने ग्रामीणों और जेसीबी मशीन की मदद से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया गया. भारी मशक्कत के बाद दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया.

प्रशासन की लापरवाही बन रहा मौत का कारण!

सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल सोनकच्छ पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं दो गंभीर घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है. बताया जा रहा है कि सभी मजदूर ग्राम बालोन के निवासी हैं. ग्रामीणों ने बताया कि बैराखेड़ी गांव के पास बना यह 90 डिग्री का अंधा मोड़ लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है. इससे पहले भी यहां कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है. बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इस खतरनाक मोड़ पर कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई. न तो पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा रेलिंग या स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं.

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि लगातार हादसों के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं. उन्होंने प्रशासन से तत्काल बड़े चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है.

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