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LPG Crisis: किराएदारों और प्रवासियों को मिली बड़ी राहत, अब बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5 किलो वाला गैस सिलेंडर’

5 KG Gas cylinder

5 किलो गैस सिलेंडर

LPG Crisis: एलपीजी की कमी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाजार में 5 किलोग्राम का छोटा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया है, जिसे खरीदने के लिए अब पारंपरिक गैस कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी. यह सिलेंडर सिर्फ गैस एजेंसियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेट्रोल पंप, किराना स्टोर और बर्तन की दुकानों पर भी आसानी से खरीदा जा सकेगा. जिला आपूर्ति अधिकारी के मुताबिक, भरे हुए 5 किलो सिलेंडर की कीमत 1642 रुपए तय की गई है, जबकि इसका रिफिल 645 रुपए में कराया जा सकेगा.

किराएदारों और प्रवासियों को राहत

सरकार के इस फैसले से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो अपने घर से दूर रहकर काम या पढ़ाई करते हैं. अब 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर के लिए एड्रेस प्रूफ देना अनिवार्य नहीं रहेगा. उपभोक्ताओं को केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाना होगा और एक साधारण कागज पर यह लिखकर देना होगा कि गैस का उपयोग सिर्फ खाना बनाने के लिए किया जाएगा. यह व्यवस्था उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो किराए के मकानों में रहते हैं, बार-बार स्थान बदलते हैं या दूसरे शहरों में रहते हैं.

कमजोर तबकों के लिए फायदेमंद कदम

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने इस पहल को आर्थिक रूप से कमजोर और अस्थायी निवास वाले लोगों के लिए उपयोगी बताया है. उनके अनुसार, प्रवासी मजदूर, घरेलू कामगार, छात्र और अस्थायी पते वाले पेशेवर अब बिना किसी जटिल प्रक्रिया के गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे.

प्रक्रिया बेहद आसान

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को केवल अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाना होगा, पहचान पत्र दिखाना होगा और एक सेल्फ-डिक्लेरेशन देना होगा, जिसमें वर्तमान निवास स्थान और घरेलू उपयोग की जानकारी होगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए ही मान्य होगा, व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं होगी.

तेजी से बढ़ रही मांग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च 2026 से अब तक देशभर में लगभग 6.6 लाख छोटे सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं और एक दिन में 90 हजार से अधिक सिलेंडर की बिक्री दर्ज की गई है. साथ ही, डिलीवरी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली को मजबूत किया गया है, जिसकी सफलता दर फरवरी 2026 के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 90 प्रतिशत हो गई है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर अनावश्यक बुकिंग न करें, क्योंकि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.

समुद्री क्षेत्र से भी राहत

इसी बीच समुद्री क्षेत्र से भी राहत की खबर सामने आई है. बंदरगाह मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और हाल के 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. देश के सभी बंदरगाह सुचारू रूप से काम कर रहे हैं और खाड़ी क्षेत्र से अब तक 1,479 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें से 159 की वापसी पिछले 24 घंटों में हुई है.

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