MP News: मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में ईएनसी बनने के लिए बारह इंजीनियरों को उनके आवेदन के आधार पर बुलाया गया था. इनमें से आठ इजीनियरों ने इंटरव्यू दिया था, लेकिन इंटरव्यू में एक भी यहां ईएनसी बनने लायक नहीं मिला. इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने नए सिरे से फिर इंटरव्यू के लिए आवेदन बुलाने के निर्देश दिए है.
12 रिटायर इंजीनियरों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी एमपीयूडीसी में इंजीनियर इन चीफ बनाए जाने के लिए बारह सेवानिवृत्त इंजीनियरों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया था. इनमें से चार इंटरव्यू देने ही नहीं पहुंचे. शेष आठ सेवानिवृत्त इंजीनियरों ने इंटरव्यू दिए थे. उज्जैन में लंबे समय तक चीफ इंजीनियर रह चुके और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ईएनसी रह चुके केके सोनगरिया ने भी इस पद के लिए इंटरव्यू दिया था. सोनगरिया को एक साल के लिए संविदा नियुक्ति दी गई थी. वे मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कंपनी में एनसी के लिए भी जोर लगा रहे थे. लेकिन वहां अजय श्रीवास्तव का चयन हो गया. इसके चलते अब वे मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में ईएनसी बनने के लिए प्रयासरत थे.
लोकायुक्त की जांच वालों ने किया आवेदन
सोनगरिया के अलावा सेना इंजीनियरिंग सेवा के इंजीनियर सुनित कुमार शर्मा, विमानन सेवा के प्रवीरचंद्र शर्मा, लोकायुक्त में लंबे समय से चीफ इंजीनियर रहे एमएस जोहरी, एनएचडीसी के पूर्व चीफ इंजीनियर राजीव जैन सहित आठ सेवानिवृत्त इंजीनियरों ने इंटरव्यू दिए थे. इंटरव्यू में इन आठ अफसरों में से एक भी ईएनसी बनाए जाने के लायक नहीं मिला. मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में ईएनसी बनाने अब नये सिरे से इंटरव्यू होंगे. एसीएस ने मौजूदा प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त करते हुए नये सिरे से आवेदन बुलाने के निर्देश दिए है.
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