Indore News: तेरेको मेरेको मारना नहीं था. अपनी बिल्डिंग के नीचे धूल खाई कार के पीछे के कांच पर यह लाइन लिखकर 14 साल के एक नाबालिग ने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर 14 साल के मासूम आतिफ अली को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि शुक्रवार रात से लापता बच्चे की तलाश में हत्या करने वाले आरोपी भी पुलिस और परिजनों के साथ मिलकर ढूंढने का नाटक करते रहे. लेकिन बाद में बच्चे की लाश उन्हीं आरोपियों के फ्लैट के पलंग पेटी में मिली, जिस पर हत्यारों की दादी सोई हुई थी. इस जघन्य हत्याकांड के पीछे दोनों नाबालिगों के बीच हुए पुराने विवाद को वजह माना जा रहा है.
रोज की तरह कोचिंग से लौट रहा था मासूम
सबसे पहले सामने आए सीसीटीवी फुटेज में आठवीं कक्षा का 14 साल का आतिफ अली साइकिल चलाता हुआ नजर आ रहा है. कुछ देर बाद कोई उसे बुलाता है और वह श्रीदेवी अपार्टमेंट के अंदर चला जाता है. इसके बाद वह बाहर आता हुआ दिखाई नहीं देता. हर दिन की तरह शुक्रवार रात भी आतिफ कोचिंग से घर लौट रहा था. उसने जैकेट पहनी हुई थी और उसका बैग भी उसके पास था. वह रोजाना रात साढ़े 8 बजे तक घर पहुंच जाता था, लेकिन जब वह उस रात घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. ट्यूशन सेंटर पर पूछताछ करने पर बताया गया कि वह वहां से घर के लिए निकल चुका था.
पूछताछ करने पर मोहल्ले के लोगों ने दी जानकारी
मोहल्ले में पूछताछ करने पर लोगों ने बताया कि आतिफ को कुछ देर पहले साइकिल चलाते हुए देखा गया था. इसके बाद इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें वह साइकिल चलाता हुआ दिखा और फिर किसी के बुलाने पर श्रीदेवी अपार्टमेंट में जाता नजर आया. लेकिन वहां से वापस बाहर आता हुआ वह कहीं दिखाई नहीं दिया. इसके बाद बिल्डिंग में तलाश शुरू की गई. अल सुबह तक कुछ पता नहीं चला, लेकिन सुबह करीब 9 बजे आतिफ की खून से सनी जैकेट बिल्डिंग की छत पर और उसका खून से सना बैग बिल्डिंग के पीछे कचरे में मिला.
मासूम के लापता होने की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी
आतिफ के लापता होने की जानकारी परिजनों ने रात में ही पुलिस को दे दी थी. जैकेट और बैग मिलने के बाद पुलिस को दोबारा सूचना दी गई, जिस पर एमआईजी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने बिल्डिंग के एक-एक फ्लैट समेत हर संभावित जगह पर तलाश शुरू की. जब कहीं सफलता नहीं मिली तो स्निफर डॉग बुलाया गया और उसकी मदद से भी तलाशी ली गई.
पेटी के अंदर मिली लाश
तलाशी के दौरान एक युवक पुलिस की हर गतिविधि पर बेहद उत्साहित होकर नजर रख रहा था. पुलिस को उस पर शक हुआ और पूछताछ की गई. उसने अपना नाम रेहान बताया, जो अपने परिवार के साथ श्रीदेवी अपार्टमेंट में ही रहता है. जब उसके फ्लैट की दोबारा बारीकी से जांच की गई तो वहां से खून से सनी एक टी-शर्ट बरामद हुई. इसके बाद और गहन तलाशी ली गई. फ्लैट के हॉल में एक पेटीनुमा पलंग पर उसकी बुजुर्ग दादी सोई हुई मिली. दादी को उठाकर जब पलंग पेटी खोली गई तो उसमें पहले कपड़े दिखाई दिए. कपड़े हटाने पर आतिफ की खून से सनी लाश बरामद हुई.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने रेहान और उसके 14 साल के नाबालिग भाई को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, मृतक आतिफ का कुछ दिन पहले रेहान के छोटे भाई से विवाद हुआ था. इसी का बदला लेने के इरादे से आतिफ की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है. यह भी माना जा रहा है कि कार के पीछे के कांच पर “तेरेको मेरेको मारना नहीं था” लिखने वाला भी नाबालिग आरोपी ही था. बताया जा रहा है कि रेहान का एक बड़ा भाई पहले से ही हत्या के एक मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है.
रस्सी से गला घोंटकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, आतिफ को बिल्डिंग की छत पर ले जाकर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या की गई. उसके सिर पर चोट के भी निशान मिले हैं. छत पर एक प्लेटफॉर्म के पास खून बिखरा हुआ मिला, जिसे पानी से धोकर साफ करने का प्रयास किया गया था. वहीं पास में खून से सना पंजे का निशान भी छपा हुआ मिला. बिल्डिंग की छत पर ही आतिफ की जैकेट भी बरामद हुई.
परिवार करता है नशीले पदार्थो का करोबार
स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया है कि रेहान और उसका परिवार चरस, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार करता था. रहवासियों का कहना है कि इसकी जानकारी पुलिस को भी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में रेहान और उसके अन्य परिजनों की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस ने रेहान और उसके नाबालिग भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी मां और दादी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है.
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