Ujjain News: उज्जैन में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मोहन सरकार का बुलडोजर चला है. शहर के नर्सिंग घाट क्षेत्र स्थित पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम, शंकराचार्य मठ पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. आश्रम में कुल 54 कमरे बने हुए थे, जिनमें एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार के कमरे शामिल थे. तीन मंजिला सर्वसुविधायुक्त आश्रम परिसर में अवैध रूप से तीन मंजिला होटल संचालित किया जा रहा था. नगर निगम द्वारा आज इसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई.
सिंहस्थ 2028 को लेकर अभियान तेज
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने की व्यापक कार्रवाई की जा रही है. जोन क्रमांक 03 में नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक पुलिस बल की मौजूदगी में वर्ष 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को तोड़ा जा रहा है. नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि सिंहस्थ मेले के दौरान टेंट व्यवस्था, साधु-संतों के ठहराव और पार्किंग के लिए खुली जमीन की आवश्यकता होती है. इसी कारण स्थायी और अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है.
अन्य आश्रमों और समाजों पर भी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान माधवानंद आश्रम, कलोता समाज, बागली समाज और महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज द्वारा बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण पर भी निगम का बुलडोजर चला. धर्मशाला सहित अन्य चिन्हित अवैध निर्माणों पर भी सख्ती से कार्रवाई की गई. प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा.
10 से 15 हजार वर्गफुट में बना अवैध निर्माण जमींदोज
बागली समाज, कलोता समाज, माधवानंद आश्रम, महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव महाराज और शंकराचार्य मठ के पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम परिसर में करीब 10 हजार से 15 हजार वर्गफुट में तीन मंजिला होटल का निर्माण कर लिया गया था. यह निर्माण पूरी तरह अवैध पाया गया, जिसे आज पूरी तरह जमींदोज करने की कार्रवाई की गई. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा.
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