MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में भीख मांगने वाले करोड़पति मांगीलाल के मामले में प्रशासन शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. सराफा में भीख मांगने वाले मांगीलाल को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेज दिया गया है. इसके साथ ही प्रशासन अब भिक्षावृत्ति की प्रतिबंधात्मक धारा के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है.
ब्याज के धंधे के लिए ली जाएगी लीगल एडवाइस
दिव्यांग भिखारी मांगीलाल के पास करोड़ों की संपत्ति है. इसको लेकर प्रशासन अब मांगीलाल के आय के स्त्रोतों की जांच करेगा. इसके साथ ही ब्याज के धंधे में कार्रवाई के लिए लीगल एडवाइस ली जाएगी. दिव्यांग मांगीलाल पटिए वाली गाड़ी पर जाकर भीख मांगते थे और साथ ही ब्याज पर धंधा करते हैं. लेकिन करोड़ों की संपत्ति के कारण अब प्रशासन जांच करेगा. अधिकारियों ने बताया कि मांगीलाल के बैंक खातों और अन्य नगदी की सूची तैयार की गई है, जिसे कलेक्टर के सामने पेश किया जाएगा.
‘मेरे चाचा भिखारी नहीं हैं’
दिव्यांग भिखारी मांगीलाल को लेकर हर दिन नई-नई बातें सामने आ रही हैं. जहां एक ओर चिल्लर से करोड़पति बनने को लेकर प्रशासन शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. वहीं दूसरी ओर मांगीलाल के भतीजे ने दावा किया है कि जिन तीन मकानों की बात की जा रही है,वो उसकी मां के नाम पर रजिस्टर्ड हैं. साथ ही उसने कहा कि चाचा भिखारी नहीं हैं बल्कि ब्याज पर पैसे देते हैं. इसी को लेकर वो सराफा बाजार जाते हैं. ये सिर्फ गलतफहमी हो गई है.
3 मकान, कार, ऑटो और ब्याज का धंधा
बताया जा रहा है कि मांगीलाल ने भीख मांग-मांगकर बड़ी संपत्ति बना ली थी. दिव्यांग ने इंदौर में 3 पक्के मकान और कार खरीदी थी. इतना ही नहीं कार के लिए एक ड्राइवर भी रखा था, जिसे 12 हजार रुपये महीने की सैलरी देता था. इसके अलावा मांगीलाल के 3 ऑटो चलते थे और उसने ब्याज पर पैसे भी दे रखे थे.
ये भी पढे़ं: ‘अविमुक्तेश्वरानंद हमारे गुरू भाई हैं, योगी की पुलिस ने गलत व्यवहार किया’, दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोला
