Archana Tiwari Case: अर्चना तिवारी को पुलिस ने 13 दिनों बाद नेपाल बॉर्डर से पकड़ा है. इस पूरे घटनाक्रम में कई चेहरे सामने आए हैं. इनमें अर्चना के अलावा सारांश, तेजिंदर और ग्वालियर का कॉन्स्टेबल राम तोमर शामिल है. पुलिस की पूछताछ में अर्चना ने बताया कि राम तोमर उसे बार-बार कॉल, मैसेज करके परेशान करता था.
‘ग्वालियर प्रैक्टिस के लिए बुलाता था कॉन्स्टेबल’
अर्चना तिवारी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि ग्वालियर का कॉन्स्टेबल राम सिंह तोमर उसे लगातार कॉल और मैसेज करके परेशान किया करता था. उसने ये भी बताया कि वह उसे जबलपुर से जानती है, उस समय अर्चना प्रैक्टिस करती थी. राम तोमर कोर्ट और केस के सिलसिले में उससे मिलने आया करता था. जबलपुर छोड़ने के बाद भी उसे कॉल और मैसेज करके परेशान करता था.
इंदौर में जब अर्चना तिवारी सिविल जज की तैयारी कर रही थी, तब आरक्षक राम तोमर उसे कॉल करके परेशान करता था. तोमर ने अर्चना के लिए ग्वालियर की टिकट भी बुक कराई थी. वह अर्चना पर दबाव देकर कहता था कि वह प्रैक्टिस करने के लिए ग्वालियर आ जाए.
‘इस केस से राम तोमर का कोई लेना-देना नहीं’
अर्चना तिवारी के पकड़े जाने के बाद बुधवार को भोपाल में रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. एसपी ने बताया कि इस केस से ग्वालियर के आरक्षक राम तोमर का कोई लेना-देना नहीं है. पुलिस अधीक्षक ने भी इस बात को कबूल किया है कि आरक्षक कॉल और मैसेज करके अर्चना को परेशान करता था.
अर्चना के कॉल डिटेल से मिली जानकारी
अर्चना तिवारी के लापता होने के बाद पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली थी. इसमें ग्वालियर के आरक्षक राम तोमर का नाम सामने आया था, जो फिलहाल भंवरपुरा पुलिस थाने में तैनात है. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई थी. उसने पूछताछ के दौरान बताया था कि उसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है. उसने केवल एक बार ही अर्चना से कोर्ट के सिलसिले में बात की थी.
