MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में आरोपी बनाए गए डॉक्टर प्रवीण सोनी को हाईकोर्ट से झटका लगा है. हाईकोर्ट ने डॉक्टर प्रवीण सोनी की जमानत याचिका पर सुरक्षित रखा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने डॉक्टर प्रवीण सोनी समेत चार लोगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.
‘सीधे तौर पर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया गया’
हाईकोर्ट ने अपने सुरक्षित रखे फैसले को सुनते हुए कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है. सीधे तौर पर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया गया है. आरोपी डॉक्टर ने ना ही सरकारी निर्देशों का पालन किया और ना ही बच्चों की जान जाने के बावजूद कफ सिरप को प्रिसक्राइब करना बंद किया. अनुभवी होने के बावजूद भी डॉक्टर ने चार साल से कम उम्र के बच्चों को प्रतिबंधित फिक्स्ड डोज कंपाउंड दिया. जिसकी वजह से बच्चों की जान जाती रही. यहां तक की डॉक्टर ने नागपुर के सीनियर डॉक्टर से मिली सलाह को भी नजरअंदाज कर दिया. जिसकी वजह से 30 बच्चों की जान चली गई. इस मामले में आरोपी बनाए गए डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, भतीजे राजेश सोनी और मेडिकल स्टोर फार्मासिस्ट सौरभ कुमार जैन की भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है.
जहरीले कफ सिरप से 30 बच्चों की चली गई थी जान
छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में जहरीले कफ सिरप की वजह से 30 मासूम बच्चों की जान चली गई थी. इस मामले में सबसे पहले परासिया में शिशु रोग विशेषज्ञ तौर पर काम करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी जो मेडिकल स्टोर की संचालिका थी, उन्हें गिरफ्तार किया गया. फिर भतीजे राजेश सोनी और मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट के रूप में काम करने वाले सौरव कुमार जैन को गिरफ्तार किया गया था. डॉक्टर प्रवीण सोनी समित सभी आरोपियों की जमानत निचली अदालत से खारिज कर दी गई थी.
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