MP News: भोपाल के बावड़िया क्षेत्र में बने ओवर ब्रिज को लेकर लोक निर्माण विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं. मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि शिकायतें सीधे (ईओडब्ल्यू) और लोकायुक्त तक पहुंच गई हैं. आरोपों के घेरे में (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता आरके मेहरा, अधीक्षण यंत्री एमके दुबे और कार्यपालन यंत्री एमपी सिंह शामिल हैं.
क्या है पूरा मामला?
विधानसभा में उठे सवालों के बाद सरकार को इन शिकायतों की पुष्टि करनी पड़ी. जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियंता आरके मेहरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में ईओडब्ल्यू में पहले भी शिकायत दर्ज हो चुकी है. वर्ष 2012 में दर्ज शिकायत अभी तक सत्यापन की प्रक्रिया में बताई गई है. इसके अलावा मार्च 2023 में भी एक और शिकायत दर्ज की गई, जो जांचाधीन है. अधीक्षण यंत्री एमके दुबे और कार्यपालन यंत्री एमपी सिंह के खिलाफ भी 29 मार्च 2023 को शिकायतें दर्ज हुईं.
एमपी सिंह के खिलाफ अक्टूबर 2023 में दर्ज एक अन्य शिकायत में पुल निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता और कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए. इस प्रकरण में ईओडब्ल्यू ने जून 2024 में अपराध दर्ज कर लिया, जिससे यह साफ हो गया कि मामला महज कागजी शिकायत तक सीमित नहीं है.
जांच एजेंसियां गंभीरता से जांच कर रही
लोकायुक्त में भी इन अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग समय पर शिकायतें दर्ज की गईं. कुछ मामलों में प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ शिकायतें सत्यापन के स्तर पर हैं. एक शिकायत को लोकायुक्त ने आवश्यक कार्रवाई के लिए ईओडब्ल्यू को भी भेजा है. इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां आरोपों को गंभीरता से ले रही हैं.
निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल
बावड़िया ओवर ब्रिज लंबे समय से गुणवत्ता, लागत वृद्धि और निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवालों में रहा है. स्थानीय नागरिकों ने भी समय-समय पर निर्माण की गुणवत्ता और कार्य में देरी को लेकर असंतोष जताया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि परियोजना में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और जिम्मेदार अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की.
