MP News: भोपाल में गौ मांस का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है. वहीं पुलिस की पूछताछ के बाद असलम चमड़ा को जेल भेज दिया गया है. लेकिन असलम चमड़ा को लेकर हर दिन कई खुलासे देखने को मिल रहे हैं. बताया जा रहा है कि रसूखदारों के संरक्षण के कारण असलम चमड़ा ने अपना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया है.
100 करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया
भोपाल में गौ तस्करी के आरोप में घिरे असलम चमड़ा ने यूं ही कई 100 करोड़ का साम्राज्य खड़ा नहीं किया, उसके कई सफेदपोश लोगों से उसके करीबी रिश्ते रहे हैं. रसूखदारों के संरक्षण की बदौलत असलम मवेशियों की खाल के मामूली कारोबार से स्लॉटर हाउस संचालक, मर चुके मवेशियों को उठाने का ठेकेदार बना. नगर निगम में असलम की धमकी इतनी थी कि उसके अलावा स्लॉटर हाउस का टेंडर तक भरने की हिम्मत कोई नहीं करता था.
असलम को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस नगर निगम के अधिकारियों को तलब कर पूछताछ करेगी. 5 से ज्यादा अधिकारियों को जल्द नोटिस जारी किया जाएगा. साथ ही बूचड़खाने का प्रस्ताव तैयार करने वाले नगर निगम के अप्रयुक्त एमपी सिंह भी जांच के दायरे में है. पुलिस के पास टेंडर संबंधित जप्त दस्तावेजों में उनके भी साइन मिले हैं. इसी के साथ पुलिस असलम के कर्मचारी और करीबियों को तलब करने की तैयारी पर है. हालांकि पूरे मामले पर भोपाल महापौर पहली बार पूरे घटनाक्रम के बाद विस्तार न्यूज़ पर कहा कि SIT की जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बांग्लादेश के 250 रोहिंग्या को बसाया
बूचड़खाना के टेंडर से लेकर एम आई सी की मंजूरी तक की ज्यादातर फाइलों पर अधीक्षक यंत्र उदित गर्ग और कार्यपालन यंत्री आरके त्रिवेदी के साइन हैं. अब तक इन दोनों से पूछताछ नहीं हुई, ना ही उनकी भूमिका की औपचारिक जांच शुरू की गई. इससे SIT की कार्य शैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं. गोकशी के आरोप में सील किए गए इस परिसर से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आया है. स्लॉटर हाउस के संचालक असलम चमड़ा पर जिंसी की मक्का मस्जिद के पास और रोहिंग्या को बसाने के आरोप हैं. पिछले साल इसकी शिकायत जॉन वन डीसीपी कार्यालय में की गई थी, आरोप है कि उसने 250 रोहिंग्या बांग्लादेश के मुसलमान को बसाया है. इन्हीं को बूचड़खाने में लगाकर भैंसों का वध करता है. साथ ही इन बांग्लादेश मुसलमान के फर्जी दस्तावेज भी भोपाल से असलम द्वारा बनाए जा रहे हैं, ताकि इनको भोपाल में बसाया जा सके. हालांकि पुलिस ने जांच की ओर जांच के बाद असलम को क्लीन चिट दे दी हैं. क्लीन चिट असलम के ही बयान के आधार पर दी गई है. भोपाल पुलिस ने जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय मानव आयोग को भी सौंपी थी.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया जमकर प्रदर्शन
हालांकि पूरे मामले पर सियासत जहां देखने को मिल रही है, वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय का घेराव करने निकले, जहां कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को बिट्टन मार्केट के पास ही रोक लिया गया. हालांकि संघ कार्यालय में बाहरी पुलिस बल तनाव किया गया था, वहीं बिट्टन मार्केट के पास कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ताओं को रोका गया. जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही प्रदर्शन कर विरोध दर्ज किया. प्रदर्शन करते कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा गौ माता की बात करती है, लेकिन गौ मांस की तस्करी मामले में अभी तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सामने क्यों नहीं आई. यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भोपाल आते हैं तो उनका काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा.
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