MP News: भोपाल नगर निगम में लोहा घोटाला सामने आया है. नाली के निर्माण में इंजीनियरों ने अजब गजब कारनामा किया है. कागजो में मात्र 240 मीटर लंबी नाली में ही 16 टन यानी 16 हजार लोहा खपा दिया गया. कागजों पर नाली को कवर करने किए ढलाई में 16000 किलो लोहा लगने की बात दर्शाई गई है. पूरा मामला वार्ड-53 के भेल संगम कॉलोनी का है. जहां नाली को केवल RCC से ढंकने के काम में अनियमितता की बात सामने आई है.
इंजीनियरों ने निगम कमिश्नर को नहीं सौंपी जांच रिपोर्ट
इस बीच निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने 5 दिसंबर को कोर कटिंग कर नाली के कवरिंग में 16000 किलो लोहा लगने की बात की जांच रिपोर्ट मांगी, लेकिन अब तक इंजीनियरों ने निगम कमिश्नर को जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है. पूरा मामला भेल संगम कॉलोनी में बनी 240 मीटर लंबी और 3 फीट चौड़ी नाली का हैं. निगम रिकॉर्ड के अनुसार, इंजीनियरों ने इस प्रोजेक्ट में 16,139 किलोग्राम सरिया लगाने का दावा कागज पर किया है.
इंजीनियरों की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में प्रभारी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर बृजेश कौशल और असिस्टेंट इंजीनियर निशांत तिवारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि EE कौशल ने निर्माण के दौरान एक बार भी साइट का दौरा नहीं किया और असिस्टेंट इंजीनियर निशांत तिवारी ने कागजों में 16000 किलो सरिया लगने की बात लिखी है. 5 दिसंबर को नोटिस जारी होने और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद EE कौशल अब तक निगम कमिश्नर को कोर कटिंग की रिपोर्ट नहीं पेश की है.
