MP News: मध्य प्रदेश के 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता रद्द, फ्री इलाज बंद, NABH सर्टिफेकेट भी नहीं दिया
आयुष्माान भारत कार्यालय
MP News: आयुष्मान कार्यलय के तरफ से मध्य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है. इनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के अस्पताल शामिल हैं, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी. हालांकि ये कार्रवाई अचनाक नहीं की गई बल्कि आयुष्मान कार्यालय द्वारा पहले इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी गई थी.
अस्पतालों द्वारा नोटिस के नहीं दिया गया जवाब
लेकिन अस्पतालों द्वारा इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया. अब आज 5 मार्च रविवार को इन अस्पतालों के नाम पर आयुष्मान मान्यता खत्म करने वाला नोटिस जारी कर दिया जाएगा. अब से इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के तहत मुफ्त इलाज संभव नहीं हो पाएगा. इस आदेश से इन 4 शहरों के 398 अस्पतालों में से 126 अस्पताल प्रभावित हुए हैं.
ये अस्पताल हुए प्रभावित
प्रदेश के चार बड़े शहरों-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं. इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई. इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं.
आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO ने कहा
आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, “यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है. नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके.”
क्या होता है NABH सर्टिफिकेट और क्यों है जरूरी?
NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है. इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है. जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं. सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है.