Vistaar NEWS

Reality Check: भोपाल में पानी के 1500 सैंपलों की हुई जांच, 3 इलाकों में मिला ई कोलाई, कांग्रेस बोली – दोषियों पर FIR दर्ज हो

Bhopal Reality Check E coli was found in three areas out of 1500 water samples

खानूगांव, वाजपेयी नगर और आदमपुर छावनी के पानी में मिला ई कोलाई बैक्टीरिया

Reality Check: मध्य प्रदेश में पीने के पानी को लेकर घमासान मचा हुआ है, क्योंकि इंदौर में दूषित पानी से 18 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं नगर निगम भोपाल की जांच रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है. भोपाल की 3 जगह पर पानी दूषित पाया गया है. इंदौर में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके पानी में भी ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है ,जो भोपाल के पानी मे मौजूद है.

भोपाल में 1500 सैंपलों की हुई जांच

इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. इसके बाद पूरे प्रदेश में पानी को लेकर अलर्ट है. हालांकि भोपाल नगर निगम ने करीब 1500 पानी के सैंपल की जांच की. वहीं जांच रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि भोपाल में भी ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है.

वहीं, खानूगांव, वाजपेयी नगर और आदमपुर छावनी जगह पर ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है. ये बैक्टीरिया तब सामने आता है, जब सीवेज का पानी या गंदा पानी पीने वाले पानी से मिलता है. तब यह पानी पीने योग्य नहीं रहता है. विस्तार न्यूज की पड़ताल में पाया गया कि खानूगांव में करीब 40 से 50 सालों से वहां के लोग इस दूषित पानी को पी रहे हैं, जो कुआं बनाया गया है.

उसके पास सीवेज टैंक बने हैं, जहां से सीवेज का पानी कुएं में आता है. हालांकि कुएं से पाइपलाइन गई है, जहां खानूगांव के लोग के घरों में यही पानी भेजा जाता है. हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम की पाइप डालने का काम शुरू कर दी है.

लोगों को उल्टी-दस्त और त्वचा रोग की समस्या

खानूगांव के बाद वाजपेयी नगर में विस्तार न्यूज़ की टीम पहुंची तो देखा कि गंदगी का अंबार है. यहां के लोग बताते हैं कि बड़े लंबे समय से उल्टी-दस्त और त्वचा का रोग लोगों को हो रहा है. इसकी वजह सीवेज टैंक के पास पीने के पानी की लाइन गई है, जिससे सीवेज का पानी पाइप में जाता है. सीवेज टैंक के नीचे ही पीने के पानी का वॉल लगा हुआ है.

ये भी पढ़ें: नर्मदा में गंदा पानी मिलने पर दिग्विजय सिंह ने जबलपुर महापौर पर साधा निशाना, जगत बहादुर बोले- भ्रम फैला रहे

विपक्ष ने की दोषियों पर FIR की मांग

हालांकि इंदौर की घटना के बाद सरकार एक्शन में है. वहीं प्रदेश के अलग-अलग जगह पर नगर निगम पानी के सैंपल ले रहा है. जवाबदारों से जब पानी को लेकर पूछा गया तो कहा कि अब लापरवाही नहीं चलेगी. जो अधिकारी शिकायत मिलने पर कार्रवाई नहीं करता, उन पर कार्रवाई की जाएगी. इंदौर की घटना को लेकर प्रदेश में अभी भी सियासत जारी है. जहां कांग्रेस दोषियों पर FIR करने की मांग कर रहा है. वही भोपाल में दूषित पानी मिलने पर सियासत देखने को मिल रही है.

Exit mobile version