Bhopal AIIMS Protest: भोपाल एम्स ने बुधवार (30 सितंबर) को 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. इस फैसले के बाद प्रभावित कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कर्मचारियों का कहा कि 7 साल से एम्स में सेवा दे रहे हैं. अचानक नौकरी से निकाल दिया है, हम कहां जाएंगे. एम्स प्रबंधन के इस फैसला का विरोध जताया जा रहा है. निकाले गए कर्मचारी नारेबाजी कर रहे हैं. इन कर्मचारियों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की है. कर्मचारी हाउसकीपिंग समेत दूसरे कार्यों से जुड़े हुए थे.
कर्मचारियों का क्या कहना है?
एक कर्मचारी ने बताया कि हमे बिल्कुल नहीं मालूम है कि इन्होंने क्यों निकाला है. अचानक 260 वर्कर्स की लिस्ट निकाल दी. हमें किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई और ना ही किसी तरह का लेटर या नोटिस दिया गया. हमें तीन दिनों का समय दिया था. हमसे कहा गया कि ऑनलाइन फॉर्म भरना है, हमने फॉर्म भरा. इसके साथ ही कहा गया कि कंपनी से कॉल आएगा. अब तक कॉल तो नहीं आया लेकिन इन्होंने लिस्ट निकाल दी.
उन्होंने आगे कहा मेरे घर में कोई कमाने वाला नहीं है. तीन बच्चे हैं. बड़ी बेटी की शादी होनी है. उसके लिए 5 लाख रुपये का लोन लिया है. लोन कैसे चुकाऊंगी? हम तो बेघर हो जाएंगे. एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि हम सुखी-संपन्न घरों से होते तो हाउस कीपिंग की जॉब नहीं करते. हमसे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिया गया है.
ये भी पढ़ें: 3 घंटे चली बीजेपी कोर कमेटी की बैठक, 66 हारी सीटों पर BJP का फोकस, प्रभारी और सह प्रभारी ने किया मंथन
