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MP की एकमात्र जगह जहां होती है कॉफी की पैदावार, सतपुड़ा की शानदार वादियों में बसा है ये टूरिस्ट विलेज

kukru coffee village

कुकरू: एमपी का एकमात्र कॉफी विलेज

Kukru Village Betul: सतपुड़ा की वादियों में स्थित कुकरू गांव एक फिर चर्चा में है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस गांव का दौरा करने वाले हैं. 27 और 28 जून को सीएम इसी गांव में रहेंगे. सनसेट पॉइंट का अवलोकन करेंगे. इसके साथ ही सनराइज और बुच पॉइंट पर ध्यान करेंगे. इसके साथ ही रविवार (28 जून) को सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लेंगे.

कुकरू क्यों है इतना खास?

बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील में स्थित कुकरू गांव अपने शानदार नजारों के लिए जाना जाता है. समुद्र तल से लगभग 1117 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ये गांव प्रकृति के अद्भुत नजारों के लिए प्रसिद्ध है. हर मौसम में यहां अलग ही रंग देखने को मिलता है. बारिश के सीजन में पूरा इलाका बेहद सुंदर हो जाता है. बादल अपेक्षाकृत काफी नीचे आ जाते हैं. बारिश के बाद पूरी घाटी रंग-बिरंगे फूलों से ढंक जाती है. यहां हिल स्टेशन की तरह अनुभव किया जा सकता है.

मानसून और सर्दियों के मौसम में नजारा आकर्षक बन जाता है. कुकरू गांव बहुत ऊंचाई पर बसे होने के कारण यहां से सनराइज और सनसेट दृश्य अप्रतिम दिखाई देता है.

कॉफी की पैदावार होती है

कुकरू कई मायनों में अहम है. ये मध्य प्रदेश की एकमात्र जगह है, जहां कॉफी की पैदावार होती है. साल 1944 में मिस फ्लोरेंस हैंड्रिक्स ने यहां कॉफी का रोपण किया था. तब से ये इस गांव की पहचान बन गई है. यहां अरेबिका किस्म की कॉफी उगाई जाती है. हर साल 10 क्विंटल कॉफी की पैदावार की जा रही है.

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इन उत्पादों के लिए भी फेमस

कॉफी के अलावा कुकरू गांव कोदो-कुटकी, रबड़ी, मावा और दूसरे डेयरी उत्पादों के लिए जाना जाता है. सरकार कुकरू ब्रांड बनाने की तैयारी कर रही है. इससे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुकरू को अलग पहचान मिलेगी.

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