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Bhopal PNG Expansion Drive: भोपाल को सिलेंडर फ्री बनाने की तैयारी! 4 बड़ी कॉलोनियों में PNG कनेक्शन पर 100% फोकस

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सांकेतिक तस्‍वीर

Cylinder-Free Bhopal Mission: मध्य प्रदेश में पिछले तीन-चार महीनों से एलपीजी गैस की कमी बनी हुई है. राजधानी भोपाल में भी लोग सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं. कई गैस एजेंसियों पर बुकिंग और सप्लाई को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है. इसी संकट के बीच खाद्य विभाग ने शहर को धीरे-धीरे एलपीजी मुक्त बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां भविष्य में एलपीजी सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे.

PNG कनेक्शन बढ़ाने पर जोर

खाद्य विभाग के अनुसार थिंक गैस कंपनी ने मिसरोद और होशंगाबाद रोड के आसपास कई क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन बिछा दी है. बावड़ियाकलां, सलैया, अयोध्या बायपास, अवधपुरी और साकेत नगर के अधिकांश घरों तक PNG पहुंच चुकी है. विभाग ने फैसला किया है कि जिन कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां पहले सभी घरों को कनेक्शन दिया जाएगा. इसके लिए केराल केनसिप, सौम्या पार्कलैंड, सागर लेक व्यू होम्स और आकृति ग्रीन जैसी कॉलोनियों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है.

172 कॉलोनियों तक पहुंची गैस लाइन

अधिकारियों के मुताबिक शहर की 172 कॉलोनियों के सामने गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. यहां लगातार नए आवेदन भी प्राप्त हो रहे हैं. प्रशासन चार-चार कॉलोनियों पर फोकस कर 100 प्रतिशत कनेक्शन सुनिश्चित करने की योजना पर काम कर रहा है. इसके बाद अगली कॉलोनियों को जोड़ा जाएगा. तय समय के बाद संबंधित क्षेत्रों में एलपीजी कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं.

वीआईपी इलाकों में भी शुरू हुआ काम

चार इमली और 74 बंगला जैसे भोपाल के प्रमुख वीआईपी क्षेत्रों में भी भूमिगत गैस लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. इन इलाकों में बड़ी संख्या में मंत्री, वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के सरकारी आवास हैं. अधिकांश हिस्सों में पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही कनेक्शन दिए जाएंगे.

गैस संकट बना वजह

प्रदेश में एलपीजी संकट के दौरान रोजाना 12 से 14 हजार सिलेंडरों की मांग रही, जबकि सप्लाई 9 से 10 हजार सिलेंडरों तक सीमित रही. इससे आम लोगों के साथ कई वीआईपी परिवारों को भी परेशानी उठानी पड़ी. इसी के बाद PNG नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की योजना बनाई गई.

नए नियम और अनिवार्यता

सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार जिन क्षेत्रों में PNG लाइन बिछ जाएगी, वहां 90 दिन के भीतर कनेक्शन लेना जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर एलपीजी कनेक्शन बंद किया जा सकता है. मार्च में जारी नियमों के तहत PNG कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा. सरकार का मानना है कि इससे गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और लोगों को सिलेंडर बुकिंग की परेशानी से राहत मिलेगी.

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